नीरज पराशर, चिंतपूर्णी

अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही प्रसिद्ध तीर्थस्थल चिंतपूर्णी में सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार की तरफ से बड़ा आर्थिक पैकेज मिलने वाला है। जिला प्रशासन ने स्वदेश दर्शन एवं प्रसाद योजना के अंर्तगत अपना दावा मजबूत करने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस योजना में अगर प्रशासन अपनी दावेदारी मजबूती से रखने में सफल रहा तो यह धार्मिक स्थल प्रदेश का पहला ऐसा मंदिर होगा जिसे केंद्र सरकार की तरफ से पचास करोड़ रुपये की राशि धार्मिक पर्यटन के एवज के रूप में मिलेगी।

दरअसल पहले चरण में प्रसाद योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों के 12 धार्मिक स्थलों के विकास के लिए पहचान की गई थी, लेकिन इसमें हिमाचल प्रदेश से किसी भी धार्मिक स्थल का चयन नहीं हो पाया था। अब नए आकलन में ¨चतपूर्णी को भी इस योजना में शामिल किया गया है। पर्यटन मंत्रालय ने मंदिर प्रशासन से पूछा है कि अगर न्यास को यह राशि दी जाती है तो उसे कहां पर और कैसे खर्च करेगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने मंदिर प्रांगण के विस्तारीकरण के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है। 34 दुकानदार जो इस मास्टर प्लान से प्रभावित होने वाले हैं, की सहमति के बाद बुधवार को लिखित में भी एफिडेबिट ले लिए हैं। हालांकि मंदिर प्रशासन ने प्रभावित होने वाले दुकानदारों को पुनर्वास का भी भरोसा दिलाया है। अगर बात सिरे चढ़ती है तो इस योजना के तहत ¨चतपूर्णी के मंदिर प्रांगण में एक ही समय में पांच से आठ हजार श्रद्धालुओं के मां के दर्शन के लिए लाइन में लगने की व्यवस्था होगी।

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क्या है प्रसाद व स्वदेश दर्शन योजना

केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत चयनित किए गए धार्मिक स्थल के आधारभूत ढांचे में परिवर्तन लाना है ताकि उक्त स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सकें। तीर्थस्थलों के विकास के साथ ही स्थानीय वासियों के आय के स्त्रोत में वृद्धि करना भी इस योजना में शामिल है।

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इस योजना के तहत ¨चतपूर्णी मंदिर का चयन हो गया है। तमाम औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस योजना के तहत ¨चतपूर्णी मंदिर को सरकार की तरफ से आर्थिक पैकेज मिलेगा।

अवनीश शर्मा, मंदिर अधिकारी

Posted By: Jagran

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