संवाद सहयोगी, चिंतपूर्णी : धार्मिक नगरी चिंतपूर्णी में शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन बेहद फीका रहा। उम्मीद से कम श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचे। मुख्य बाजार में रौनक आम दिनों की भांति रही। ऐसा आभास ही नहीं हुआ कि यहां मेला चला हुआ है। सोमवार को करीब छह हजार श्रद्धालुओं ने मां की पावन पिडी के दर्शन किए।

पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था को बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। सोमवार सुबह मां के चरणों में भक्तों की कतार थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई। दोपहर को तो बिना किसी देरी के श्रद्धालु मां के दरबार में माथा टेकते रहे। शाम के वक्त मंदिर परिसर लगभग खाली नजर आया। शाम चार बजे तक सिर्फ चार हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका था।

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सात धार्मिक संस्थाओं को लंगर लगाने की अनुमति

मंदिर प्रशासन ने अब तक मेला क्षेत्र में सात धार्मिक संस्थाओं को लंगर लगाने की अनुमति दी है। ऐसा पहली बार है कि लंगर लगाने वाली जगह का मुआयना करने के बाद ही लंगर लगाने की इजाजत दी जा रही है। उधर सुरक्षा व्यवस्था के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अस्थायी बूथों पर नि:शुल्क दवाएं दे रहे हैं।

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भरवाई में वाहनों की चेकिग

चिंतपूर्णी में आने वाले वाहनों की चेकिग हो रही है। शिव मंदिर के समीप पुलिस ने स्पेशल नाका लगाया हुआ है, जिसमें गाड़ियों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में सादी वर्दी में जवान भी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं।

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भिखारियों पर शिकंजा कसने में नाकाम रहा है प्रशासन

मेला प्रशासन भिखारियों पर शिकंजा कसने में नाकाम रहा है। हालांकि कुछ दिन पूर्व मंदिर प्रशासन ने भिखारियों को सख्त हिदायत भी दी थी कि वे क्षेत्र में भिक्षावृत्ति बंद करे दें। हालांकि इसका असर हुआ, लेकिन शारदीय नवरात्र मेला शुरू होते ही फिर से भिखारी सक्रिय हो गए हैं। मंदिर परिसर क्षेत्र के आसपास डेरा डाले हुए हैं।

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दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं को लिफ्ट की सुविधा

मंदिर न्यास की लिफ्ट के द्वारा मंदिर परिसर में सिर्फ उन्हीं श्रद्धालुओं को भेजा रहा है, जोकि शारीरिक रूप से अक्षम हैं। इस कड़ी में बीमार, वृद्ध व दिव्यांग श्रद्धालु, जिन्हें पूर्व में या तो बिना दर्शनों के लौटना पड़ता था या फिर कई घंटे लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते थे, के लिए न्यास ने बड़ी राहत दी है। मेले के दूसरे दिन तक कई ऐसे श्रद्धालु मां के दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा जिन श्रद्धालुओं की रेल बुकिग है या उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में ड्यूटी पर लौटना है, के लिए भी न्यास नरम रवैया बरत रहा है।

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इस बार मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। पंक्ति में लगे श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अतिरिक्त सेवादारों की नियुक्ति की गई है। वहीं सफाई व्यवस्था के लिए भी मेला क्षेत्र में अस्थायी कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।

-हरि सिंह, मंदिर अधिकारी।

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पहले नवरात्र का चढ़ावा

मां चिंतपूर्णी के दरबार में शारदीय नवरात्र के पहले दिन 14,26,948 रुपये का चढ़ावा चढ़ा। इसके अलावा 350 ग्राम चांदी भी भक्तों ने मां के चरणों में अर्पित की। विदेशी मुद्रा में 30 कनाडा डॉलर और एक यूएसए डॉलर भी भेंटपात्रों से मंदिर न्यास को प्राप्त हुआ है।

Posted By: Jagran

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