जागरण संवाददाता, ऊना : जिले के युवा लगातार चिट्टे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसके साथ ही इस धंधे में संलिप्त लोगों की धरपकड़ भी तेज हो गई है। पुलिस ने जनवरी, 2018 से फरवरी 2019 तक चिट्टे के 42 मामले पकड़ने में सफलता हासिल की है। 2013 से लेकर 2017 तक चिट्टे के 34 केस पकड़े थे। चिट्टे की वजह से कई युवा ¨जदगी से हाथ तक धो चुके हैं। इससे आगामी पीढ़ी को बचाने के लिए पुलिस के साथ ही समाज के हर वर्ग के लिए बड़ी चुनौती है। अगर चिट्टा के प्रचलन की बात की जाए तो इसमें सबसे बड़ा जखीरा पंजाब से आता है और जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों से आसानी से गुप्त रास्तों से पहुंच रहा है। बेशक जिला में चिट्टा धड़ाधड़ आ रहा है और युवाओं तक पहुंच भी रहा है, लेकिन यदि पुलिस की कार्रवाई को खंगाला जाए तो इसमें यह बात साफ हो जाएगी कि पुलिस इसे प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने से रोकने के लिए कई तरीके अपनाती है। बावजूद इसके जिला ऊना में चिट्टा तेजी से अपने पांव पसारने लगा है।

उधर, जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने कहा कि जो हाल ही में चिट्टा आरोपित पकड़े गए उनसे पूछताछ के दौरान पंजाब के जिन सप्लायरों का बारे में जानकारी मिली है, उनके खिलाफ शिकंजा कसने के लिए ऊना जिला पुलिस व पंजाब पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई करने में जुटी हुई है। पुलिस द्वारा ऊना में चिट्टे की खेप के साथ पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर मुख्य सरगना तक पहुंचने का भी प्रयास किया है।

Posted By: Jagran

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