सुनील शर्मा, सोलन। सोलन के ठोडो मैदान में वीरवार को प्रदेश के लिए उज्ज्वला योजना की शुरुआत करने के लिए आयोजित समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह हिमाचल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बार-बार मिलते रहने की चाहत रखते हैं। मुख्यमंत्री के बयान से राजनीतिक गलियारों में कई चर्चाओं को जन्म दे दिया।

वीरभद्र ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल के लिए उज्ज्वला योजना की शुरुआत अच्छी पहल है, लेकिन यह हिमाचल के लिए नई बात नहीं है। प्रदेश में पहले से माता शबरी महिला सशक्तीकरण योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य भी महिलाओं को धुएं वाले ईंधन से मुक्ति दिलाना है। उन्होंने केंद्र की योजना को हालांकि बेहतर बताया। वीरभद्र ने कहा कि उनकी आदत सीमित शब्दों में बात कहने की है। उत्तर की बात वह दक्षिण से शुरू नहीं करते बल्कि स्पष्ट कह देते हैं। प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश की नब्ज टटोलनी शुरू कर दी है।

कभी त्रिदेव सम्मेलन तो कभी सरकारी कार्यक्रमों के बहाने केंद्रीय नेता प्रदेश के दौरे कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष के राष्ट्रीय अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह व वित्त मंत्री अरुण जेटली हिमाचल का दौरा कर चुके हैं। उधर, मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शिमला में केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कांग्रेस की चुनावी तैयारी को पुख्ता करने की नींव तैयार की।

लकड़ी तस्करी के लिए मैंने लड़ाई लड़ी : वीरभद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने सबसे पहले लड़ाई लड़ी है। हिमाचल से पहले लकड़ी की तस्करी होती थी। पहली बार जब वह मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी व सेब के आयात-निर्यात के लिए लकड़ी की पेटियों पर प्रतिबंध लगाया। इसके लिए गत्ते की पेटियों का प्रयोग किया जामे लगा। ईंधन के लिए बेधड़क पेड़ों की कटाई उन्होंने बंद करवाई थी।

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Posted By: Babita Kashyap

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