जागरण संवाददाता, सोलन : आखिर वो दिन आ गया और एक मां का 'संयम' जीत गया। उसकी वर्षो की तपस्या का फल बेटे ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर दिया। पति की मौत के बाद जिसने वर्षो परिवार को संभाला था, अब वो गौरव का पल आया जब उसका वीर बेटा देश की सीमाओं को संभालेगा।

सोलन जिला का संयम कौशल शनिवार को सेना में शामिल हो गया है। देहरादून में इंडियन मिलिट्री अकेडमी में पासिग आउट परेड के दौरान उन्होंने देश की रक्षा की शपथ ली और उसके बाद परिवार के साथ इस खुशी को बांटा। इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए मां पुनीत कौशल, बहन स्तुति कौशल सहित चाचा-चाची, मामा-मामी व अन्य रिश्तेदार पहुंचे थे। संयम ने बताया कि बचपन का सपना अब साकार हुआ है। वह भारतीय सेना में सेवाएं देने की तमन्ना रखते थे। संयम कौशल तीन साल के थे जब पिता गुजर गए थे। उसके बाद उनकी मां पुनीत कौशल ने बेटी और बेटे को संभाला। उनका घर पहले सोलन के ब्रूरी के पास होता था, लेकिन 2001 में वह गिर गया। संयम के पिता सतीश कौशल की भी उस हादसे में मौत हो गई। पुनीत ने परिवार को किसी भी कमी का अहसास नहीं होने दिया। सेंट ल्यूक्स स्कूल सोलन से जमा दो तक की पढ़ाई करने के बाद संयम ने एनडीए की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण हो गया। उसे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी पुणे खड़ग वासला भेजा गया। यहां उसने तीन वर्ष तक पढ़ाई की और एक वर्ष देहरादून में लगाने के बाद अब सेना का अंग बन गया है।

पुनीत कौशल अब शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रही हैं और नया घर सोलन के ही जौणाजी मार्ग पर बनाया है। बेटे की कामयाबी पर गर्व है

संयम कड़ी मेहनत करने में विश्वास रखता है। बेटे की कामयाबी पर गर्व है।

-संयम की मां पुनीत कौशल।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस