मनमोहन वशिष्ठ, कसौली (सोलन)

हिमाचल को दिल्ली व अन्य मैदानी राज्यों से सबक लेना चाहिए, जहां कंकरीट के जंगल खड़े हो गए हैं और शुद्ध हवा के लिए भी तरसना पड़ रहा है। हिमाचल को ईश्वर से मिली प्राकृतिक सुंदरता को बरकरार रखना चाहिए।

यह शब्द बुल्ला की जाणा मैं कौन गीत से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले गायक रब्बी शेरगिल ने दैनिक जागरण के साथ विशेष बातचीत में कहे। रब्बी कसौली के बैकुंठ रिसोर्ट में जेनेसिस फाउंडेशन की ओर से आयोजित कसौली रिदम एंड ब्लूज फेस्टिवल में भाग लेने आए थे। उन्होंने कहा जेनेसिस फाउंडेशन संगीत फेस्ट के माध्यम से गरीब बच्चों की गंभीर बीमारियों को ठीक करने के लिए जो कार्य कर रहा है, वह सराहनीय है। रब्बी शेरगिल ने 2005 में बुल्ला की जाणा मैं कौन गाने से संगीत की दुनिया में अपनी धाक जमा दी। शाहरुख खान अभिनीत फिल्म जब तक है जान में छल्ला की लबदा फिरे व दिल्ली हाइट्स फिल्म का गाना तेरे बिन भी लोगों के जहन में है। इसके अलावा उनकी कई एलबम आ चुकी हैं, जिन्हें काफी प्यार मिला है।

रब्बी से की बातचीत के मुख्य अंश।

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-संगीत के क्षेत्र में कैसे आए?

1989-1990 में अमेरिका के गायक ब्रुस स्प्रिंक्सटीन शो के लिए भारत आए थे। मैं भी उनको सुनने गया था व उनको सुनने के बाद काफी प्रभावित हुआ। फिर मैंने तय कर लिया था कि मुझे जिंदगी में क्या करना है। खुद गाने लिखता भी हूं और गाता भी हूं, यह भगवान की ही कृपा है।

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-उभरते गायकों के लिए कोई सफलता का मंत्र?

अपने लिए गाना चाहिए, क्योंकि जब अपने लिए गाएंगे तो बेहतर गाने का प्रयास करेंगे। गाने तो सभी गा लेते हैं, लेकिन कविताओं को समझना चाहिए, जिससे आप क्या गाते हैं, ये पता चलेगा। गाना अपने लिए गाएं पैसे कमाने के लिए नहीं। कविता और संगीत के मिलन से ही गाना बनता है। मैं कई कवियों को पढ़ता हूं, जिससे अपने संगीत को निखारने का मौका मिलता है। मोहम्मद रफी पसंदीदा गायक हैं।

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-युवाओं के लिए कोई संदेश?

युवा नशे को छोड़ अपना विरसा संभाले। 2014 में पंजाब के गांव-गांव में घूमकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया था। युवाओं के लिए एक ही संदेश है कि आप गुरु नानक, गुरु गोबिंद सिंह की संतान हैं, उनकी लाज रखें। अपना विरसा संभाले नहीं तो पंजाब खत्म होने की कगार पर है।

Posted By: Jagran