जेएनएन, कसौली (सोलन)। अपने बड़बोलेपन के लिए जाने जाते नवजोत सिद्धू एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। पंजाब सरकार के कैब‍िनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पाकिस्तान यात्रा के अनुभव की तुलना दक्षिण भारत की यात्रा से की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कहीं भी यात्रा कर लो, वहां न तो भाषा बदलती है, न ही खाना बदलता और न ही लोग बदलते हैं, जबकि दक्षिण भारत में जाने पर भाषा से लेकर खानपान तक सब कुछ बदल जाता है।

सिद्धू के इस बयान को लेकर फिर से विवाद पैदा हो सकता है। स‍िद्धू यहीं नहीं रूके, उन्‍होंने पाक‍िस्‍तान आर्मी चीफ को दी गई झप्‍पी पर भी कह डाला क‍ि उन्‍हें इससे कोई मलाल नहीं है और अगर जरूरत पड़ी तो झप्‍पी तो क्‍या पप्‍पी भी लेंगे।

स‍ि‍द्धू ह‍िमाचल प्रदेश के सोलन के कसौली क्लब में शुक्रवार को शुरू हुए सातवें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में बतौर स्पीकर जलियांवाला बाग टू पंजाब, पंजाबिज, पंजाबियत विषय पर संवाद करने पहुंचे थे। उन्‍होंने कहा क‍ि मेरी झप्पी कोई राफेल डील नहीं है, जिस पर हल्ला किया जा रहा है। मैं सभी को झप्पी करता हूं और इसमें कोई बुराई नहीं है। पाक आर्मी चीफ कमर बाजवा को झप्पी करने पर कोई मलाल नहीं है और यह राफेल डील की तरह कोई साजिश भी नहीं थी।

उनका कहना था कि वे पहले भारतीय, फिर पंजाबी। सिद्धू ने कहा कि पाक सरकार प्रथम पातशाही गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव पर श्रीकरतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने के लिए तैयार है। उन्होंने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि गुरुओं के दर्शन के लिए यदि अच्छी पहल दिखेगी तो वह झप्पी तो क्या पप्पी भी लेंगे। गुरुद्वारा उनके अधिकार क्षेत्र में है व गुरु की धरती पर दर्शन के लिए अगर झप्पी ले ली तो उसमे कोई गलत नही है।

नवजोत ने कहा कि भारत पाकिस्तान में चल रहे तनाव का हल बातचीत से ही संभव है। 70 सालों से दुश्मनी चली आ रही है, लेकिन क्या हल निकला है, इसलिए सरकार को शांतिवार्ता बंद नहीं करनी चाहिए। यदि दुश्मनी करनी है तो फिर हाई कमीशन को बंद कर दो। जन्मदिन, ईद और अन्य आयोजनों पर बधाई भी देनी छोड़ दो। उन्होने शायराना अंदाज में कहा कि ‘सरकार ताउम्र यही काम करती रही, धूल उनके चेहरे पर थी और वो आईना साफ करती रही’।

सभी को साथ लेकर फिर शुरू हो कपिल शर्मा शो
कपिल शर्मा शो को लेकर उन्होंने कहा कि वो एक गुलदस्ता था, जिसमे सभी एक से बढ़कर एक फूल थे। लेकिन अपनी निजी लडाई में करोड़ों लोगों कि भावनाओं के साथ नहीं खेलना चाहिए। जब भी शो शुरू होगा तो उससे जरूर जुडेंगे।

जलियांवाला बाग कोई पिकनिक स्थल नहीं
उन्होंने कहा की जलियांवाला बाग हत्याकांड को अगले वर्ष एक शताब्दी होने वाली है, लेकिन शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए केंद्र सरकार अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग पीएमओ के अंतर्गत आता है। उन्होंने इस पर भी खेद जताया कि लोग जलियांवाला बाग में टूरिस्ट की तरह घूमने आते हैं जबकि वह धरती शहीदों की धरती है।

Posted By: Munish Kumar Dixit

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