नालागढ़ IED धमाके की साजिश का नेटवर्क खंगाल रही NIA, पंजाब से तीन और गिरफ्तारियां; कब होगा पर्दाफाश?
NIA ने नालागढ़ IED धमाके में तीन और आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या ...और पढ़ें

नालागढ़ पुलिस थाने के पास पहली जनवरी को ब्लास्ट हुआ था। जागरण आर्काइव
HighLights
NIA ने नालागढ़ IED धमाके में तीन और आरोपी पकड़े।
गिरफ्तार आरोपी पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले से हैं।
कुल छह गिरफ्तारियां, आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश जारी।
जागरण टीम, सोलन। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इस साल 1 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन के समीप हुए आईईडी धमाके के सिलसिले में तीन और आरोपित गिरफ्तार किए हैं। दावा किया जा रहा है कि जांच के दौरान एजेंसी ने तीन और आरोपियों की भूमिका का पता लगाया, जो सभी पंजाब के एसबीएस यानी शहीद भगत सिंह नगर जिले के रहने वाले हैं।
अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला सिरहिंदिया मोहल्ला का रहने वाला है, जबकि करण प्रताप रोटा मोहल्ला का है; दोनों राहों के रहने वाले हैं। एनआईए ने बताया कि दिलजोत सैनी नवांशहर रोड पर झांसी पार्क कॉलोनी में रहता है। एनआईए ने इस मामले में तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पहले से जेल में बंद थे तीनों
आतंकवाद-रोधी एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि वे पंजाब के गढ़शंकर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अन्य मामले के सिलसिले में पहले से ही गिरफ़्तार थे। इससे पहले, एनआईए ने इस मामले में तीन आरोपित महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणि को गिरफ़्तार किया था।
अब तक छह गिरफ्तारियां
उन्हें शुरू में पंजाब पुलिस ने एक अन्य मामले में गिरफ़्तार किया था और बाद में एनआईए ने इस मामले में उन्हें हिरासत में लिया। ताजा गिरफ़्तारियों के साथ इस मामले में एनआईए द्वारा गिरफ़्तार किए गए आरोपितों की कुल संख्या छह हो गई है।
नेटवर्क खंगाल रही एजेंसी
जांच एजेंसी ने कहा कि ये गिरफ़्तारियां एनआईए की उस चल रही जांच का हिस्सा हैं, जिसका मकसद आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करना, इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करना और घटना से जुड़े व्यापक नेटवर्क और संपर्कों का पता लगाना है।
यह है मामला
1 जनवरी 2026 को सोलन जिले के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर के समीप आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट हुआ था। इस विस्फोट से कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन आसपास की इमारतों और वाहनों के शीशे टूट गए थे और जमीन पर गड्ढा हो गया था। पहले इस मामले में पुलिस जांच कर रही थी, मगर बाद में यह मामला एनआईए के पास जांच के लिए चला गया, इसके बाद इसमें 6 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
