सोलन, जेएनएन। हार्टअटैक, नेत्र संक्रमण, डायरिया और ब्लड प्रेशर जैसी घातक बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के सैंपल फेल होने के बाद देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने ड्रग अलर्ट में बताया है कि मई में देशभर में कुल 821 दवाओं के सैंपल लिए थे। इनमें 33 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। आठ दवाएं हिमाचल में निर्मित हैं। सभी राज्यों के संबधित अधिकारियों को सूचित कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खराब पाई गई दवाओं के संपूर्ण बैच को वापस मंगवाकर नष्ट करने को कहा गया है।

हिमाचल की इन दवाओं के सैंपल फेल

एमएमजी हेल्थकेयर कंपनी के हरजोविर पाउडर का बैच नंबर जीएन1310ए, आयोसिस रैमीडीज में निर्मित इस्प्रिन टेबलेट का बैच नंबर सीसीएटी-018, टेलमिसार्टन दवा का बैच नंबर वीटी17-4089, पार्क फार्मास्यूटिकल में निर्मित दवा का बैच नंबर डीआरबी-009, बोफिन बायोटेक में निर्मित दवा लोप्रामाइड का बैच नंबर बीटी- 391, स्कॉट एडिल कंपनी में निर्मित दवा फलूकोनाजोल डिसोल्यूशन का बैच नंबर एसडीएस874, वाडसप फार्मास्यूटिकल कंपनी में निर्मित पोलिमिसिन आई ड्रॉप्स का बैच नंबर पीओएलवाई-07 व सिपला में यूरिफॉस्ट कैप्सूल का बैच नंबर बीए82286 खराब करार दिया गया है।

जन कंपनियों की दवा के सैंपल फेल हुए हैं उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। मौसम परिवर्तनशील होने से कई दफा दवाओं में नुख्श आ जाता है जिसके चलते सैंपल फेल होते हैं। नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। 

-नवनीत मरवाह, राज्य दवा नियंत्रक।

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Posted By: Babita kashyap

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