सोलन, जेएनएन। जिला पुलिस मुख्यालय सोलन में पुलिस उस समय हैरान रह गई जब बिना जानकारी पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी थाने में आ पहुंचे। उन्होंने पुलिस थाने की कार्य प्रणाली को जांचा और मालखाने की हालत पर कड़ा रुख अख्तियार किया। हालांकि उनके थाने पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। डीजीपी ने थाने के प्रत्येक कमरे, मालखाने सहित अन्य सभी जगहों का निरीक्षण किया।

उन्होंने इस अवसर पर थाना अधिकारी को दिशा-निर्देश भी जारी किए। मीडिया से मरडी ने कहा कि वह आने वाले समय में भी इसी तरह अन्य थानों का निरीक्षण करेंगे। इससे पुलिस अलर्ट होकर काम करती है और इसे अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। पुलिस ने नशे को लेकर एक बहुत बड़ा अभियान छेड़ा हुआ है, जिसके तहत पूरे प्रदेश में तकरीबन सवा तीन क्विंटल चरस व छह किलो चिट्टा पकड़ा है। उन्होंने कहा की नशे के कारोबार में अंतरराष्ट्रीय स्तर के नशा कारोबारियों को पकड़ा है।

पुलिस नशे के काले कारोबार रोकने के लिए दृढ़ संकल्प है और वह किसी भी हाल में प्रदेश में नशे को फैलने नहीं देंगे। सबसे पहले तो प्रदेश में किसी भी तरह के नशे की सप्लाई पर रोक लगाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ नशे के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मरडी ने कहा कि प्रदेश में एक अधिकारी के पास जाच के लिए 25 केस होते हैं अगर किसी के पास अधिक बोझ है तो वहां कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी, फिलहाल सोलन में जांच अधिकारियों की संख्या पर्याप्त है।

विदेश की तर्ज पर पुलिस बल कम और कैमरों और अन्य तकनीकों का अधिक सहयोग लेने की दिशा में कार्य करने की इच्छा है। इसी चरण में सर्वप्रथम परवाणू प्रवेश द्वार पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे स्थापित किए जाएंगे, ताकि यहां से गुजरने वाले हर वाहन और व्यक्ति पर नजर रखी जा सके और आवश्यकता पड़ने पर उनकी तफ्सीश हो सके। जिला में अपराधों को नियंत्रण में लाने के लिए लोगों को अपने पास रखने वाले नौकरों, कर्मचारियों, किरायेदारों का पंजीकरण थानों में करवाना चाहिए। इस दौरान एसपी सोलन मधुसूदन शर्मा, डीएसपी मुख्यालय अमित ठाकुर, चमन लाल सहित अन्य मौजूद रहे।