संवाद सहयोगी, कसौली (सोलन) : खुशवंत सिंह धाकड़ स्वभाव के लिए जाने जाते थे और यही उनकी पहचान रही है। संता बंता जोक्स के माध्यम से खुशवंत तत्कालीन परिस्थितियों पर व्यंग्य करते थे। एक बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से उन्हें इन जोक्स बंद करने के लिए पत्र आया तो उन्होंने दो टूक जबाव दिया और मना कर दिया।

यह बात उनके बेटे व लिटफेस्ट के आयोजक राहुल सिंह ने कसौली में शुक्रवार को शुरू हुए आठवें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में 'केएस : सेंट्स और सिनर्स' (खुशवंत सिंह : संत और पापी) विषय के सेशन में कही। सेशन में मशहूर पत्रकार तवलीन सिंह, सादिया देहलवी, मिन्नी वैद व रश्मि सक्सेना बतौर पेनलिस्ट जबकि राहुल सिंह वार्ताकार के तौर पर शामिल रहे। राहुल ने कहा कि आलोचक बेशक उनकी आलोचना करते हों, लेकिन भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी उनको हर जन्मदिन पर बधाई देते थे। उनके अंतिम संस्कार में भी आडवाणी शमिल हुए थे। पाक साहित्यकार की कविता पढ़ भावुक हुए राहुल

राहुल सिंह ने सेशन के शुरू में कहा कि लिटफेस्ट में पिछले तीन साल से पाक के लेखकों को नहीं बुलाया जा रहा है। हालांकि वे इससे पहले आते रहे है। लिटफेस्ट में लगातार हिस्सा लेते रहे लेखक फकीर एजाजुद्दीन ने इस फेस्ट के लिए विशेष तौर पर कविता भेजी थी। राहुल ने इसे पढ़कर भी सुनाया और इस दौरान भावुक हो गए। खुशवंत का जन्म पाकिस्तान के हडाली में हुआ है। बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए पैसे देना चाहते थे खुशवंत

पैनल डिस्कशन के दौरान पत्रकार सादिया देहलवी ने दावा किया कि एक बार खुशवंत सिंह बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के पैरोकार सैय्यद शहाबुद्दीन से मिलने के लिए कहने लगे। वह बाबरी मस्जिद के भवन के निर्माण के लिए पैसे देना चाहते थे।

पहले दिन इस विषयों पर भी चर्चा

फेस्ट के पहले सेशन गाड्स एंड डेम्स में आर्ट हिस्टोरियन बीएन गोस्वामी ने भारतीय संस्कृति में भगवान व दानव के रोल के बारे में जानकारी दी। इसके पश्चात लेखिका तवलीन सिंह, सादिया देहलवी व मैनी वैद ने खुशवंत सिंह के साथ बिताए दिनों को याद किया और खुशवंत सिंह संत एवं पापी विषय पर चर्चा की। इसके बाद स्वपन लिडल व गिल्ज टिलॉटसन ने दिल्ली फ्रॉम सुजान सिंह टू खुशवंत सिंह विषय पर चर्चा की । गणेश शैली, किरण चड्ढा ने हिमालया, हिमाचल की परिस्थिति विज्ञान विषय पर चर्चा की। पहले दिन कर्नल सोनम वांगचुक, मणिशंकर अय्यर, नवतेज सरना जैसी अनेको हस्तियां पहुंची। दिल्ली में होगा खुशवंत सिंह हास्य लिटफेस्ट

खुशवंत सिंह की लिटफेस्ट की तर्ज में दिल्ली में पहली बार खुशवंत सिंह हास्य फेस्टिवल का आयोजन होगा। इसकी थीम कसौली में आयोजित होन वाले लिटफेस्ट से अलग होगी। खुशवंत के रिश्तेदार जसकरण सिंह व महीप सिंह ने कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में इसकी घोषणा की । आज ये होंगे मुख्य विषय

दूसरे दिन के पहले सेशन में 60 ईयर्स ऑफ फिल्मीस्तान पर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर व शांतनू रॉय चौधरी भारतीय सिनेमा पर चर्चा करेंगे। स्टेट पॉवर एंड लिबरल वेल्यूज पर नयनतारा सहगल व सागरिका घोष चर्चा करेंगे। कश्मीर: पास्ट मपरफेक्ट, फ्यूचर टेंस पर साहित्यकार राधा कुमार, तुहिन ए सिन्हा व तवलीन सिंह बतौर पैनलिस्ट जबकि जनरल अता हसनैन बतौर वार्ताकार आर्टिकल 370 पर चर्चा करेंगे। कारगिल : 20 ईयर्स ऑन पर कर्नल एससी त्यागी, रचना बिष्ट रावत व कर्नल सोनम वांगचुक पैनलिस्ट जबकि विष्णु सोम बतौर वातार्कार चर्चा करेंगे।

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आर्टिकल 370 हटाने का यह नहीं था सही समय : तवलीन

कहा, केंद्र ने सही उद्देश्य को गलत समय पर लागू कर दिया

देश में केवल मुस्लमानों के खिलाफ हो रही मॉब लिचिग

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जम्मू और कश्मीर में आर्टिकल 370 खत्म होना ही था, लेकिन सरकार ने इसे गलत समय में हटा दिया। यह बात प्रसिद्ध पत्रकार व लेखिका तवलीन सिंह ने कसौली में पत्रकारों के साथ बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सही उद्देश्य को गलत समय पर लागू कर दिया। कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद अराजकता व आतंकवाद की घटनाओं में वृद्धि होगी। इस समय वहां कोई सरकार नहीं थी। केंद्र सरकार ने आर्टिकल 370 को हटाने से पहले न तो वहां की जनता को विश्वास में लिया और न ही जनप्रतिनिधियों की राय ली गई।

तवलीन सिंह ने कहा कि देश में मॉब लीचिग केवल मुसलमानों के खिलाफ ही हो रही है। पश्चिम बंगाल में हिदू परिवार के सदस्यों की हत्या को लीचिग से नही जोड़ा जा सकता है। उन्होंने विपक्ष को जोकर करार दिया। विपक्ष सरकार के खिलाफ अपनी बात रखने में पूरी तरह विफल है। केंद्र सरकार की खराब नीतियों के खिलाफ कोई बोलने वाला ही नहीं है। यही कारण है कि सरकार जन विरोधी फैसले ले रही है।

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कांग्रेस को चला रहे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर

तवलीन ने कहा कि कांग्रेस को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर चला रहे हैं। सोनिया, राहुल व प्रियंका इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हैं जबकि कुछ अन्य नॉमिनेटिड भी इसके सदस्य हैं।

Posted By: Jagran

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