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हिम चंडीगढ़ शहर बसाने के विरोध में उतरे बद्दी क्षेत्र के लोग, कोर्ट जाने की चेतावनी देते हुए बनाई संघर्ष समिति

By Suneel Kumar Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 06 Jan 2026 06:21 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के बद्दी के पास शीतलपुर में प्रस्तावित 'हिम चंडीगढ़' शहर के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया ...और पढ़ें

बद्दी क्षेत्र में नए शहर की स्थापना के विरोध में प्रदर्शन करते लोग। जागरण

बद्दी क्षेत्र में नए शहर की स्थापना के विरोध में प्रदर्शन करते लोग। जागरण

HighLights

  1. बद्दी में हिम चंडीगढ़ शहर के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध।

  2. 3400 बीघा भूमि अधिग्रहण पर किसानों ने जताई नाराजगी।

  3. संघर्ष समिति गठित, सरकार के फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे।

संवाद सहयोगी, बद्दी (सोलन)। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से बद्दी के निकट शीतलपुर क्षेत्र में चंडीगढ़ की तर्ज पर प्रस्तावित नए शहर को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। दून विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामकुमार चौधरी की गृह पंचायत हरिपुर-संडोली से ही किसानों ने सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

3400 बीघा भूमि का कर लिया है अधिग्रहण

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने बद्दी के समीप शीतलपुर में करीब 3400 बीघा भूमि अधिग्रहण कर हिम-चंडीगढ़ नाम से एक आधुनिक शहर बसाने की घोषणा की है। इस भूमि को प्रदेश सरकार की अधिकृत एजेंसी हिमुडा के नाम करने को लेकर सुक्खू सरकार की कैबिनेट से स्वीकृति भी दी जा चुकी है।

सरकार के अचानक फैसले का विरोध

सरकार के इस अचानक लिए गए फैसले के बाद ग्राम पंचायत संडोली व ग्राम पंचायत मलपुर के ग्रामीणों ने शीतलपुर के सामुदायिक केंद्र में बैठक कर प्रदेश सरकार व दून विधायक के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज करवाया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना पंचायतों और संबंधित किसानों को विश्वास में लिए भूमि अधिग्रहण की घोषणा कर दी गई, जिससे वे हतप्रभ और निराश हैं।

शीतलपुर एकमात्र ग्रीन बेल्ट

ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन सरकार को अधिग्रहण नहीं करने देंगे। उनका कहना है कि ऐसा शहर स्वीकार्य नहीं है जो किसानों को उजाड़कर बसाया जाए। संघर्ष समिति के सदस्य चरण दास व सह संयोजक चिंतन कुमार ने कहा कि बद्दी क्षेत्र पहले ही अत्यधिक प्रदूषण की चपेट में है और शीतलपुर क्षेत्र एकमात्र ग्रीन बेल्ट के रूप में बचा हुआ है।

यहां अधिकांश किसान खेती और दुग्ध उत्पादन से अपनी आजीविका चलाते हैं, लेकिन अब सरकार इन कीमती जमीनों को बिल्डरों को सौंपकर मुनाफा कमाना चाहती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

संघर्ष समिति का गठन

ग्रामीणों ने नए टाउनशिप व भूमि अधिग्रहण के विरोध में संघर्ष समिति का गठन किया। समिति में अध्यक्ष भाग सिंह कुंडलस, उपाध्यक्ष चरण दास, दीवान चंद, भगतराम लंबरदार, चरण रिवेश, गुरनाम सिंह, महासचिव चिंतन कुमार चौधरी, संगठन मंत्री सिमरजीत सिंह कुंडलस, सचिव सतनाम सिंह, तरसेम चौधरी, गुरदयाल चंदेल, कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार कौशल (पुत्र बीरबल दास), मीडिया प्रभारी व सलाहकार सचिन बैंसल व अन्य शामिल किए गए। समिति ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में रणनीति बनाकर सरकार के फैसले के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा तथा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ याचिका भी दायर की जाएगी।

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