पंजाब में हिमाचल से भी सस्ती हुई बिजली तो उठने लगी विरोध की आवाज, उद्योगपतियों ने राज्य सरकार को कर दिया आगाह
पंजाब में बिजली दरों में कटौती के बाद हिमाचल के उद्योगपतियों ने राज्य सरकार से तुरंत राहत की मांग की ...और पढ़ें

पंजाब में बिजली सस्ती होने पर हिमाचल में भी मांग उठी है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पंजाब में बिजली दरें कम होने से हिमाचल के उद्योगपति चिंतित।
हिमाचल में बिजली महंगी होने से उत्पादन लागत बढ़ रही है।
उद्योगों के पलायन रोकने हेतु सरकार से तुरंत राहत की मांग।
जागरण संवाददाता, सोलन। पड़ोसी राज्य पंजाब में छह मार्च से बिजली दरों में कटौती की गई है। इसके बाद हिमाचल के उद्यमियों ने भी प्रदेश सरकार से राहत मांगी है। पंजाब सरकार ने बिजली की दर में 70 पैसे प्रति यूनिट की कटौती की है। अब वहां बिजली दर 5.90 रुपये प्रति यूनिट हो गई है, जबकि हिमाचल में 6.76 रुपये प्रति यूनिट है।
डिमांड सहित अन्य चार्जिस जोड़कर यह और भी अधिक दर पर उद्यमियों को मिल रही है। प्रदेश के उद्योगपतियों ने राज्य सरकार से तुरंत राहत देने की मांग उठाई है।
उद्यमियों में आक्रोश
प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर स्टील उद्योग से जुड़े उद्यमियों का कहना है कि लगातार बढ़ती बिजली दरों के कारण उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक कीमतों पर उत्पादन करना मुश्किल हो रहा है। अगर यही स्थिति रही तो प्रदेश से उद्योगों का पलायन रोकना सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।
पड़ोसी राज्यों से मिल रहे ऑफर : मेघराज
स्टील उद्योग के प्रबंधक मेघराज गर्ग का कहना है कि पड़ोसी राज्यों से उन्हें लगातार लुभावने आफर मिल रहे हैं, जहां बिजली सस्ती होने के साथ अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं। कई उद्योगपति उद्योगों को अन्य राज्यों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहे हैं। यदि सरकार ने समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया तो इससे प्रदेश के राजस्व, युवाओं के रोजगार और औद्योगिक विकास को गंभीर नुकसान हो सकता है।
उद्योग संगठनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि बिजली दरों में कमी कर ऐसी नीतियां बनाई जाएं जिससे उद्योगों का पलायन रोका जा सके।
बिजली दरों में कटौती करे सरकार : एसोसिएशन
हिमाचल प्रदेश स्टील इंडस्ट्री एसोसिएशन के महासचिव राजीव सिंगला का कहना है कि स्टील सहित कई उद्योगों का अधिकतर काम बिजली पर निर्भर करता है। इससे भारी बिजली बिल चुकाने पड़ते हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ती है। प्रदेश सरकार को बिजली दरों में कटौती करनी चाहिए। बिजली उत्पादक राज्य होने के बावजूद हिमाचल के उद्योगों को पंजाब और हरियाणा की तुलना में महंगी बिजली मिल रही है। सरप्लस बिजली का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।
