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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नालागढ़ में तैयार होगी कोरोना की एक और प्रभावी दवा, रैमडैसाविर इंजेक्शन के ट्रायल का कांट्रेक्ट मिला

By Rajesh SharmaEdited By:
Published: Wed, 24 Jun 2020 12:15 PM (IST)

Corona Effective Medicine एशिया के फार्मा हब बद्दी व नालागढ़ में अब कोरोना को मात देने के लिए एक और दवा का उत्पादन जल्द शुरू होने वाला है।

नालागढ़ में तैयार होगी कोरोना की एक और प्रभावी दवा, रैमडैसाविर इंजेक्शन के ट्रायल का कांट्रेक्ट मिला
नालागढ़ में तैयार होगी कोरोना की एक और प्रभावी दवा, रैमडैसाविर इंजेक्शन के ट्रायल का कांट्रेक्ट मिला

सोलन, सुनील शर्मा। एशिया के फार्मा हब बद्दी व नालागढ़ में अब कोरोना को मात देने के लिए एक और दवा का उत्पादन जल्द शुरू होने वाला है। ग्लेनमार्क कंपनी में दवा उत्पादन के बाद अब जुबलिएंट कंपनी की तरफ से हिमाचल की कंपनी इमैक्यूल लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड को अपना कांट्रेक्ट ड्रग लाइसेंस जारी किया है। कांट्रेक्ट के तहत सोलन जिला के नालागढ़ स्थित यह कंपनी रैमडैसाविर इंजेक्शन का ट्रायल करेगी और उसके बाद उत्पादन शुरू किया जाएगा। इसको भी कोरोना के उपचार में प्रभावी माना जा रहा है।

जुबलिएंट फार्मा लिमिटेड एक समूह है जो पूरी दुनिया में अपनी सेवाएं देती है। कंपनी अपनी तकनीक इमैक्यूल लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड को देगी। देश में रैमडैसाविर इंजेक्शन तैयार करने के लिए केवल छह कंपनियों को भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआइ) की तरफ से लाइसेंस जारी किया है, उनके एक जुबलिएंट भी है।

ट्रायल में बेहतर परिणाम आए

इमैक्यूल लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर वायरल शाह ने बताया कि ट्रायल पूरा होने के बाद वह इंजेक्शन का उत्पादन शुरू करेंगे। यह इंजेक्शन पहले इबोला पर इस्तेमाल किया था। इसे सार्स व अन्य संक्रमण के उपचार में भी परखा गया था। इसका कोविड-19 के उपचार के लिए ट्रायल किया तो परिणाम चौंकाने वाला आया है। इससे 40 फीसद तक सुधार देखा गया है। हालांकि अभी ट्रायल किए जा रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि जुलाई के अंत तक इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा।

इंजेक्‍शन के ट्रायल का कांट्रेक्‍ट मिला

इमैक्यूल लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड को रैमडैसाविर इंजेक्शन के ट्रायल का कांट्रेक्ट मिला है। इस इंजेक्शन का ग्लोबली पेटेंट ऑनर गिलियाड है। इसका 100 एमजी का इंजेक्शन है। -डॉ. कमलेश नायक, राज्य अतिरिक्त दवा नियंत्रक।