यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शाह के बहाने प्रदेश सरकार को घेरने की कवायद
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रविवार को हिमाचल प्रदेश के सोलन आ रहे हैं। शाह यहां भाजपा के त्रिदेव ...और पढ़ें

सोलन [रविंद्र पंवर] : प्रदेश के सोलन जिले में 11 दिसंबर को होने वाला भारतीय जनता पार्टी का त्रिदेव सम्मेलन सिर्फ पार्टी का कार्यक्रम भर नहीं है बल्कि इसमें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति भी बनेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बहाने प्रदेश में सत्तासीन कांग्रेस को चारो तरफ से घेरने की भी कवायद होगी।
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यही कारण है कि भाजपा ने अध्यक्ष के दौरे के दिन ही न केवल शिमला, सोलन व सिरमौर जिलों के बूथ कार्यकर्ताओं का सम्मेलन रखा, बल्कि साथ ही कोर कमेटी की बैठक व चार्जशीट कमेटी की बैठक भी तय है। इसके मायने एक ही है कि जिस दिन शाह सोलन में होंगे, उसी दिन प्रदेश सरकार के खिलाफ चौतरफा हमला बोला जाए।
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ऐसे में कार्यक्रम को राज्य में अगले वर्ष होने जा रहे विधानसभा चुनाव की रणनीति का शंखनाद माना जा रहा है, जिसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मौजूद रहेंगे। हालांकि कार्यक्रम पूरी तरह से संगठनात्मक है, जिसमें ढाई घंटे तक एक पंडाल में शाह तीन जिलों के बूथ कार्यकर्ताओं को राजनीतिक गुर सिखाएंगे। इसके बाद वह प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक में भाग लेंगे, जिसमें कांग्रेस सरकार के खिलाफ रणनीति तैयार करना मुख्य मुद्दा होगा। सूत्र बताते है कि इसका मसौदा तो प्रदेश के नेताओं ने पहले ही तैयार कर लिया है, जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने रखकर उसे अमल में लाने की स्वीकृति ली जाएगी। बाद में कांग्रेस सरकार के खिलाफ चार्जशीट बनाने वाली कमेटी की बैठक भी सोलन में होगी। माना जा रहा है कि इसी बैठक में आरोपपत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा। कांग्रेस सरकार के चार साल पूरे होने पर यह चार्जशीट राज्यपाल को सौंपी जाएगी।
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दूसरी तरफ, प्रदेश सरकार व कांग्रेस संगठन का कुनबा भी भाजपा के इस कार्यक्रम पर नजर रखे हुए है। सरकार का खुफिया तंत्र भी सोलन में सक्रिय हो गया है और भाजपा की तैयारियों का जायजा लेकर ऊपर तक रिपोर्ट भेजी जा रही है।
