यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Pradesh News: राज्य सहकारी बैंक में करोड़ों का गबन, सहायक प्रबंधक गिरफ्तार
राज्य सहकारी बैंक नौहराधार में करोड़ों रुपये के गबन के मामले में सहायक प्रबंधक ज्योति प्रकाश को पुलिस ने गिरफ्तार ...और पढ़ें

HighLights
- राज्य सहकारी बैंक नौहराधार में गबन का आरोपित सहायक प्रबंधक गिरफ्तार
- किसान क्रेडिट कार्ड के फर्जी खाते खोल चार करोड़ रुपये के गबन का आरोप
- पुलिस का विशेष जांच दल कर रहा मामले की जांच
जागरण संवाददाता, नाहन। सिरमौर जिला के नौहराधार स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की शाखा के सहायक प्रबंधक ज्योति प्रकाश को करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की जांच अभी जारी है, पुलिस आगामी कार्रवाई में जुटी है।
पुलिस के अनुसार आरोपित ज्योति प्रकाश ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसान क्रेडिट कार्ड के फर्जी खाते खोले और लगभग 4.02 करोड़ रुपये का गबन किया। इस राशि को ज्योति प्रकाश ने विभिन्न टर्म लोन व कैश क्रेडिट लिमिट बैंक ऑन डिपाजिट के खातों में ट्रांसफर करके बंद कर दिया।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
इस मामले में राज्य सहकारी बैंक के जिला प्रबंधक प्रियदर्शन पांडे, नौहराधार शाखा की प्रबंधक प्रियंका और कार्यकारी सहायक विवेक प्रकाश ने पुलिस थाना संगड़ाह में शिकायत दर्ज करवाई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि ज्योति प्रकाश ने लोगों की एफडीआर और चेकबुक अपने पास रखी थी और लोगों में इतना विश्वास पैदा कर दिया था कि उस पर कोई शक नहीं कर सके। इस मामले में पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो मामले की जांच कर रहा है।
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खातों को फ्रीज कर गहनता से की गई जांच
एसएसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि आरोपित ज्योति प्रकाश निवासी गांव भूईरा, तहसील व थाना राजगढ़ के विभिन्न बैंकों में खुलवाए खातों की जानकारी के लिए पत्राचार किया गया और लेन-देन वाले खातों को फ्रीज कर गहनता से जांच की गई। आरोपित की पत्नी के खातों की जानकारी भी प्राप्त की गई और मामले संबंधी सभी दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं।
साल 2012 से कार्यरत हैं आरोपी
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपित 2012 से इसी शाखा में कार्यरत है। आरोपित लोगों की एफडीआर, चेकबुक को बैंक में अपने पास रखता था। आरोपित को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा बैंक का आडिट करवाया जा रहा है। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि यह पैसा कहां से आया और किसे दिया है। इसमें और कितने लोग शामिल हैं।
