उत्तराखंड से हिमाचल पहुंचे जंगली हाथी, घर की सुरक्षा दीवार तोड़ी; ट्यूबवेल और फसलों को पहुंचाया भारी नुकसान
उत्तराखंड से हिमाचल के पांवटा साहिब पहुंचे जंगली हाथियों ने बहराल और सतीवाला गांवों में भारी उत्पात मचाया है। हाथियों ...और पढ़ें
HighLights
जंगली हाथियों ने पांवटा साहिब में मचाया उत्पात।
घरों की दीवारें, ट्यूबवेल, फसलें की क्षतिग्रस्त।
ग्रामीणों में दहशत, मुआवजे की मांग तेज।
जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश के उत्तराखंड से सटे जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में एक बार फिर जंगली हाथियों ने उत्पाद मचाया है। राजाजी झांसी नेशनल पार्क उत्तराखंड से यमुना नदी के रास्ते जुलाई और अगस्त माह में हाथी नदी को पार करने के बाद जिला सिरमौर के पांवटा साहिब उपमंडल में पहुंच जाते हैं। जहां पर यह हाथी कुछ दिन रुक कर पांवटा साहिब उपमंडल के कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क होते हुए हरियाणा के कलेसर स्थित नेशनल पार्क की ओर निकलते हैं।
घर की सुरक्षा दीवार तोड़ी
पांवटा साहिब उपमंडल से गुजरते हुए यह हाथी किसानों के घरों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। शुक्रवार रात को पांवटा साहिब उपमंडल के गांव बहराल व सतीवाला में हाथियों ने एक घर की सुरक्षा दीवार तोड़ कर काफी नुकसान किया।
ट्यूबवेल भी तोड़ा
हाथियों ने उत्पाद मचाते हुए किसान महिमा सिंह का ट्यूबवेल तोड़ दिया और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। वही सतीवाला के किसान नीटू राम के खेत में धान, चेरी और केले के पेड़ भी तोड़ दिए। कुछ दिन पहले सतीवाला गांव के किसान सोनू राम, ठग्गा राम की गाय को भी हाथी ने मार डाला था।
लोगों में दहशत
बहराल व सतीवाला के किसानों का कहना है कि अब हाथी घरों में भी घुस रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वही भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष जसविंदर सिंह बिलिंग ने सरकार व प्रशासन से मांग कि वन विभाग द्वारा जल्द इन हाथियों को गांव में आने से रोका जाए और जिन किसानों का नुकसान हुआ है, उनको मुआवजा दिया जाए। वरना किसान वन विभाग के बाहर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
