पवन तोमर, राजगढ़

भारी बर्फबारी ने आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी है। राजगढ़ व संगड़ाह उपमंडल के 90 फीसद गाव में 72 घटे से बिजली नहीं है। अगली कई दिन तक भी बिजली आने की कोई उम्मीद नहीं है।

राजगढ़ शहर के वार्ड नंबर छह और सात में तीन दिन से बिजली गुल रहने से लोग ठंड में ठिठुरते रहे और विद्युत विभाग के कर्मचारी अपनी जान को जोखिम में डालकर बिजली के पोल पर चढ़ लाइनों को जोड़ने में जुटे रहे।बर्फबारी से राजगढ़ व संगड़ाह क्षेत्र में जनजीवन ठप हो गया है। पानी की पाइपें जमने से पेयजल समस्या विकराल होने लगी है।

क्षेत्र की अधिकाश सड़के शुक्रवार तक बंद रही। विद्युत बोर्ड के राजगढ़ डिवीजन में फील्ड स्टाफ के 155 पद पांच वर्ष से रिक्त हैं। चंद कर्मचारियों से ही फील्ड का कार्य लिया जा रहा है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार राजगढ़ विद्युत डिवीजन में तीन पद एसडीओ, 17 पद जेई, 19 पद लिपिक, 34 पद सहायक लाइनमैन और 31 पद टी मेट के रिक्त हैं। बिजली के पोल 6 इंच बर्फ सहने के काबिल भी नहीं है। पिछले 50 वर्षो से चल रहा सिस्टम आज भी जारी है। हाब्बन क्षेत्र से आए शमशेर सिंह, खैरी के रमेश कुमार, बथाऊधार के प्रेम सिंह सहित अनेक लोगों ने कहा कि जब लोगों को ठंड में बिजली की जरूरत होती है, तो बिजली गुल हो जाती है।

वार्ड नंबर सात के धर्मपाल, रमेश श्याम सिंह सहित अनेक लोगों ने बताया कि तीन दिनों से बिजली न होने के कारण लोगों को बहुत दिक्कत पेश आ रही है।

विद्युत बोर्ड राजगढ़ के अधिशासी अभियंता नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि स्टॉफ की कमी के कारण काफी परेशानी पेश आ रही है। बर्फबारी के कारण राजगढ़ डिवीजन में अधिकाश विद्युत लाईनें टूट गई है, जिनकों जोड़ने का कार्य युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे है।

Posted By: Jagran

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