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नागपुर से सिरमौर लाए गए टाइगर जोड़े का अभी नहीं होगा दीदार, करना होगा और इंतजार; नवरात्रि में आ सकती है अच्छी खबर  

Published: Fri, 02 Oct 2026 06:07 PM (IST)

नागपुर से श्रीरेणुकाजी लाए गए बाघ जोड़े को देखने के लिए पर्यटकों को अब नवरात्रि तक इंतजार करना होगा। वन्य ...और पढ़ें

नागपुर से श्रीरेणुकाजी मिनी जू में आया बाघ। फोटो जागरण

नागपुर से श्रीरेणुकाजी मिनी जू में आया बाघ। फोटो जागरण

HighLights

  1. नागपुर से श्रीरेणुकाजी लाया गया बाघों का जोड़ा।

  2. पर्यटकों को अब नवरात्रि तक करना होगा इंतजार।

  3. बाघ अभी स्थानीय वातावरण के अनुकूल नहीं हुए हैं।

जागरण संवाददाता, नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के श्रीरेणुकाजी मिनी जू में करीब 12 वर्ष के बाद नागपुर महाराष्ट्र से श्रीरेणुकाजी लाया गया टाइगर के जोड़े के दीदार के लिए पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को अभी ओर इंतजार करना पड़ेगा। 20 सितंबर को वन्य प्राणी विभाग की टीम नागपुर जिले के गोरेवाडा वन्य प्राणी जू से 5 वर्ष के नर और 3 वर्ष की मादा टाइगर का जोड़ा लेकर श्रीरेणुकाजी पहुंची थी।

वन्य प्राणी विभाग शिमला की टीम लगातार 41 घंटे में 1900 किलोमीटर का सफर तय कर टाइगर के जोड़े को सुरक्षित लेकर श्रीरेणुकाजी पहुंचा था। उसके बाद यह तय किया गया था कि पर्यटकों के दर्शकों के लिए टाइगर जोड़े को 2 अक्टूबर को खुले बाड़े में खोला जाएगा। मगर वन्य प्राणी विभाग के अनुसार अभी तक टाइगर स्थानीय वातावरण के अनुकूल नहीं डले हैं।

पशु चिकित्सकों की टीम लगातार कर रही निगरानी

इसलिए उन्हें अभी कुछ और दिन इंडोर वार्ड में ही रखा जा रहा है। पशु चिकित्सकों की टीम लगातार दोनों टाइगर पर जांच और निगरानी रख रही है। दोनों बाघ और बाघिन के स्वास्थ्य की लगातार जांच की जा रही है। अब उम्मीद है कि नवरात्रि के प्रथम दिन टाइगर जोड़े के दर्शन पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को हो सकते है।

उधर वन्य प्राणी विभाग श्रीरेणुकाजी के वन परिक्षेत्र अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि टाइगर जोड़े को स्थानीय माहौल में शामिल होने के लिए अभी करीब एक और सप्ताह का समय दिया जा रहा है। नवरात्रि तक टाइगर जोड़े को खुले बाड़े में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। नर और मादा टाइगर का जोड़ा पूरी तरह से स्वस्थ हैं, उनकी नियमित देखभाल तथा स्वास्थ्य जांच की जा रही है।