सिरमौर में अस्पताल की छत का प्लास्टर गिरने से कर्मचारी घायल, खंडहर भवन में मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में
सिरमौर के नौहराधार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर छत से प्लास्टर गिरने से रात की ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी घायल हो गया, जबकि मरीज बाल-बाल बचे।

सिरमौर के नौहराधार अस्पताल में गिरा छत का प्लास्टर। जागरण
HighLights
नौहराधार अस्पताल की छत से प्लास्टर गिरा, कर्मचारी घायल।
जर्जर भवन में मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठे।
नया भवन उद्घाटन की प्रतीक्षा में, स्वास्थ्य सेवाओं पर असर।
जागरण संवाददाता, नाहन। जिला सिरमौर के श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहराधार के जर्जर भवन की छत से प्लास्टर की भारी परत गिरने से रात की ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी नरेश कुमार घायल हो गए। इस दौरान मरीज बाल-बाल बच गए। घटना ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था और अस्पताल भवन की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के डेंटल क्लीनिक की छत से पहले भी सीमेंट की परत गिर चुकी है।
रात 11 बजे की घटना
जानकारी के अनुसार, घटना रात सोमवार करीब 11 बजे की है। उस समय नरेश कुमार अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान अचानक छत से सीमेंट की भारी परत टूटकर सीधे उनके पांव पर जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से अस्पताल परिसर में चिंता का माहौल बन गया।
गनीमत यह रही कि सीमेंट की परत उनके सिर पर नहीं गिरी, अन्यथा गंभीर चोट लगने के साथ बड़ा हादसा भी हो सकता था। घटना के तुरंत बाद चिकित्सकों और स्टाफ नर्स ने घायल कर्मचारी को प्राथमिक उपचार दिया।
16 मई को भी हुआ था हादसा
गौरतलब है कि 16 मई को भी नौहराधार सीएचसी के डेंटल क्लिनिक की छत गिरने की घटना सामने आई थी। नरेश कुमार ने बताया कि घायल होने के बावजूद वह पूरी रात ओपीडी में बैठे रहे।
नया भवन तैयार पर उद्घाटन का इंतजार
वहीं दूसरी तरफ नौहराधार में करोड़ों रुपये की लागत से सीएचसी का 30 बिस्तरों वाला नया भवन कई महीनों पहले बनकर तैयार है, जो उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहा है। वहीं जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग किसी बड़े हादसे के इंतजार में है। नए भवन का उद्घाटन 23 सितंबर को निर्धारित था, मगर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का संगडाह उपमंडल के माईना बाग का दौरा रद होने के चलते कई उद्घाटन और शिलान्यास भी रद कर दिए गए थे।
मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल
गौर हो कि इस जर्जर भवन में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी स्वयं सुरक्षित नहीं हैं, तो ऐसे में अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। 18 पंचायतों के लोगों ने सरकार व विभाग से मांग की हैं कि नए भवन में 30 बिस्तरों के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर जल्द उद्घाटन कर शुरू करे, ताकि जहां मरीज को पर्याप्त सुविधा व सुरक्षित रहे वहीं कर्मचारी भी सुरक्षित रहे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला सिरमौर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राकेश प्रताप ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है। इस संदर्भ से बीएमओ संगड़ाह से पूरी डिटेल मंगवाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
