पांवटा साहिब युवती हत्याकांड: दोषी शारिक रहमान को आजीवन कारावास की सजा, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
पांवटा साहिब में युवती की मौत के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी शारिक रहमान को आजीवन कारावास और 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पांवटा साहिब युवती हत्याकांड में आाय फैसला। सांकेतिक फोटो
HighLights
दोषी शारिक रहमान को आजीवन कारावास और 45 हजार जुर्माना।
युवती मुमताज की मौत का मामला, 2017 से चल रहा था।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा ने सुनाया फैसला।
जागरण संवाददाता, नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश पांवटा साहिब कपिल शर्मा ने एक महत्वपूर्ण मामले में निर्णय सुनाते हुए युवती की मौत के दोषी को आजीवन कारावास व 45 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी है।
सहायक जिला न्यायवादी संदीपना ने बताया कि शारिक रहमान पुत्र शाहिदुल रहमान गांव अमरगढ़ पोस्ट ऑफिस पुरुवाला तुहसील पांवटा साहिब जिला सिरमौर को मुकदमा संख्या 10/2017 के तहत आईपीसी धारा 364, 302, 120बी व 34 में दोषी ठहरा कर आजीवन कारावास काटने की सजा और जुर्माना लगाया है।
आईपीसी 302 में 25 हजार रुपए, आईपीसी 364 में 15 हजार और आईपीसी 201 में 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मुक़दमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी जतिन्दर शर्मा ने दी। सहायक जिला न्यायवादी ने बताया कि 14 नवंबर 2017 को शिकायत करता वाजिद अली में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करवाया।
वाजिद अली ने माजरा थाना में अपनी पुत्री की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। इस मामले की प्राम्भिक जांच एएसआई सुभाष चन्द द्वारा अमल में लाई गई थी। जांच के 12 दिनों के बाद मुमताज मृत अवस्था में हेवना मंदिर के पास ढांक में मिली।
सबूतों के अभाव के कारण दो अन्य दोषियों को बरी किया गया। 'अभियोग में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 37 गवाहों के साक्ष्य बयान अदालत में दर्ज हुए। अदालत ने दोनों पक्षों कि दलीले सुनने के पश्चात दोषी शारिक रहमान पर दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
