सिरमौर के नाहन शहर में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, सड़क पर लंबे समय से खड़े वाहन भी जब्त किए
नाहन शहर में प्रशासन और नगर परिषद ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया, जिसमें सड़कों और सरकारी जमीन से ...और पढ़ें

नाहन शहर में सड़क किनारे लंबे समय से खड़े वाहनों को जब्त करती टीम। जागरण
HighLights
नाहन में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया।
सड़कों और सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाए गए, वाहन जब्त।
यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में जारी रहेगा।
जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश में जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन शहर में वीरवार को अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। शहर की सड़कों, गलियों और सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन और नगर परिषद ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई की शुरुआत दिल्ली गेट से मोहल्ला गोबिंदगढ़ तक की गई, जहां सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को मशीनरी की मदद से हटाया गया। कार्रवाई शुरू होते ही पूरे शहर में अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मच गया।
संयुक्त कार्रवाई में एसडीएम नाहन राजीव संख्यान, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार, पुलिस, राजस्व विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
टीम ने सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए कब्जों को हटाने के साथ-साथ लंबे समय से सड़क किनारे खड़े वाहनों को उठा लिया। नगर परिषद परिसर के नीचे गोबिंदगढ़ क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े स्कूटर, कंडम फ्रिज और अन्य सामान को भी कब्जे में ले लिया।
लोगों के विरोध के बीच एक्शन
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने हल्का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
नगर परिषद की स्पष्ट चेतावनी
नगर परिषद नाहन के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि अवैध कब्जाधारियों को करीब छह माह पहले नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल गोबिंदगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से नाहन शहर के उन सभी हिस्सों में कार्रवाई की जाएगी, जहां सरकारी जमीन, सड़क या सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण किया गया है। सड़क किनारे लंबे समय से खड़े वाहनों और सार्वजनिक स्थानों पर रखे अवैध सामान को भी कब्जे में लिया जाएगा।
