विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'मेरी जुबान स्लिप होती है तो BJP चुटकुला...', CM सुक्खू बोले- हिमाचल के स्वर्णिम युग की शुरुआत हो चुकी है

Published: Fri, 25 Sep 2026 06:08 PM (IST)

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सराहां में भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी जुबान स्लिप होने पर भाजपा चुटकुले बनाती है, लेकिन जनता वास्तविकता जानती है।

श्री वामन द्वादशी मेले के समापन अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम सुक्खू। फोटो जागरण

श्री वामन द्वादशी मेले के समापन अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम सुक्खू। फोटो जागरण

HighLights

  1. मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए पूर्व सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

  2. हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक सबसे अमीर राज्य बनाने का लक्ष्य।

  3. किशाऊ बांध का खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी, कर्मचारियों को जल्द OPS मिलेगा।

राजन पुंडीर, नाहन (सिरमौर)। अगर किसी जनसभा में मेरी जुबान स्लिप हो जाए, तो भाजपा के दीप कमल कार्यालय में बैठे 40 लोगों की टीम उसका चुटकुला बना देती है। मगर प्रदेश की जनता वास्तविकता को जानती है।

यह उद्गार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला सिरमौर के पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां में आयोजित राज्य स्तरीय श्री वामन द्वादशी मेले के समापन अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहे।

मुख्यमंत्री ने अपने 22 मिनट के भाषण में जमकर भाजपा पर कटाक्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पच्छाद की विधायक भाजपा की है, आप उनसे पूछना कि भाजपा ने प्रदेश के हितों को बेचते हुए बीबीएन में 5000 बीघा जमीन बिना पंजीकरण के किस तरह एक करोड़ में बेच दी।

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री बने, तो उन्हें पता लगा कि पूर्व की सरकार में किस तरह 10 की चीज को 100 में खरीदा जा रहा था। उन्होंने कहा की व्यवस्था परिवर्तन के तहत कड़े फैसले लिए जा रहे हैं। जिसके चलते आने वाले समय में 2027 तक हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर राज्य बनेगा तथा 2032 में देश का सबसे अमीर राज्य बनने की और अग्रसर होगा।

किशाऊ बांध से हिमाचल को 1200 से 1500 करोड़ की आय होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आपकी तरह आम परिवार से सीएम की कुर्सी तक पहुंचे। पिछले चार सालों से प्रदेश की हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। किशाऊ बांध परियोजना की महत्वपूर्ण लड़ाई। भाजपा ने एक सहमति पत्र दे दिया था। जिसमें बांध निर्माण का खर्च प्रदेश सरकार को भी करना था। मगर हमने केंद्र के साथ लड़ाई लड़ी तथा अब किशाऊ बांध का खर्च केंद्र सरकार व अन्य राज्य ही करेगी। किशाऊ बांध से आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश को 1200 से 1500 करोड रुपए की आय होगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि केंद्र तथा हरियाणा की भाजपा सरकार को हमारे आगे इसलिए भी झुकना पड़ा, क्योंकि आने वाले कुछ वर्षों में दिल्ली व गुड़गांव सहित एनसीआर में पानी की भारी किल्लत होगी। एनसीआर तथा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की प्यास हिमाचल के पानी से ही बुझेगी। देश में सबसे ज्यादा बलिदान हिमाचल के जवानों ने दिया है। जब हमारी संपदा पर कोई बड़ी परियोजना बन रही है, तो उसका खर्च हम क्यों करें।

प्रदेश की जनता के लिए हमें धनराशि की आवश्यकता

केंद्रीय गृह मंत्री के साथ 16 जून की बैठक में हमने सब कहा कि हम किशाऊ बांध का खर्च प्रदेश वहन नहीं करेंगे तथा हमने केंद्र सरकार के साथ अपनी शर्तों पर एमआईयू साइन करवाया। हिमाचल प्रदेश की 90 प्रतिशत जनता आज भी गांव में रहती है। प्रदेश की जनता के लिए हमें धनराशि की आवश्यकता है, ताकि हम गांव में बेहतर स्कूल, स्वास्थ्य संस्थान तथा सड़के दे सकें। निजी स्कूलों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी सीबीएसई स्कूल खोल दिए गए हैं। पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां में भी सीबीएसई स्कूल शुरू हो चुका है।

सरकार ने ग्रामीण किसानों के लिए दूध का समर्थन मूल्य निर्धारण किया। जिसके बाद अब गांव का किसान 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह की आय कमा रहा है। आने वाले समय में सिरमौर जिला की नगदी फसल लहसुन का भी समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाएगा। गत वर्ष अदरक का समर्थन मूल्य दे दिया गया है इसे और बढ़ाया जाएगा।

पूर्व सरकार द्वारा छोड़े गए कर्ज को चुकाने के लिए हम कर्ज ले रहे हैं। हमने प्रदेश के कर्मचारियों को ओपीएस दिया है तथा जो कर्मचारी रह गए हैं, उनको भी जल्द ओपीएस दे देंगे। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार सत्ता में आती है, तो वह ओ पी एस बंद कर देगी। प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश के हित के लिए लड़ रही है, आने वाले समय में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से हिमाचल सरकार को 500 करोड रुपए और मिलेंगे।

हम सभी चुनौतियों से लड़ रहे हैं

हिमाचल प्रदेश में एसजीवीएन कंपनी का वार्षिक टर्नओवर 67000 करोड़ का है, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार का वार्षिक बजट 54000 करोड़ का है। हम अपने कर्मचारियों को जल्द डीए की किस्त देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा की चुनौतियां अंदर भी हैं और बाहर भी हैं। मगर हम सभी चुनौतियों से लड़ रहे हैं।

हिमाचल को पहाड़ी राज्य होने के चलते 1955 से आरडीजी मिल रही थी, जो अब केंद्र सरकार ने बंद कर दी है। बीजेपी वाले कहते हैं कि वेतन और पेंशन समेत पर नहीं दिया जा रहा है। मगर हम सभी को वेतन और पेंशन समय पर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विधवा बहनों के बच्चों के लिए हम योजना ला रहे हैं, जिसमें बेटे की पढ़ाई के लिए 1000 व बेटी की पढ़ाई के लिए 1500 प्रतिमा दिए जाएंगे।