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हिमाचल खदान हादसा: शिलाई में चट्टानों के नीचे दबे तीनों लोगों के शव बरामद, NDRF ने 10 घंटे में पूरा किया ऑपरेशन

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 19 Aug 2026 02:23 PM (IST)Updated: Wed, 19 Aug 2026 06:55 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई में खनन के दौरान हुए भूस्खलन में दबे तीनों लोगों के शव एनडीआरएफ ...और पढ़ें

शिलाई में खदान में चलाया गया रेस्क्यू अभियान व ड्राइवर का शव बाहर निकालते एनडीआरएफ जवान। जागरण

शिलाई में खदान में चलाया गया रेस्क्यू अभियान व ड्राइवर का शव बाहर निकालते एनडीआरएफ जवान। जागरण

HighLights

  1. शिलाई खदान हादसे में दबे तीनों शव बरामद।

  2. एनडीआरएफ ने 10 घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।

  3. बरसात में अवैध खनन पर उठे गंभीर सवाल।

जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश में जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में खनन के दौरान मलबे की चपेट में आकर दबे तीनों लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। एनडीआरफ की टीम ने पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को मृत हालत में निकाला। दो मृतकों की पहचान टिपर चालक बड़वास निवासी अनिल कुमार और मजदूर धन सिंह निवासी नगर पालिका बेदकोट जिला कंचनपुर नेपाल के रूप हुई है।

कफोटा के नजदीक तिलोरधार में मंगलवार दोपहर बाद हुए खदान में भारी भूस्खलन में तीन लोग दब गए थे। एसडीएम शिलाई जसपाल व डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा सहित अन्य प्रशासनिक तथा आपदा प्रबंधन के कर्मचारी अधिकारी मौके पर जुटे रहे।

बारिश थमते ही एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को एनडीआरफ स्थानीय पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

केंद्रीय एजेंसियां करेंगी जांच

यहां मौजूद जिला खनन अधिकारी सरित चंद ने जानकारी दी कि बरसात के मौसम में भी चूना पत्थर खदानों में खनन गतिविधियां बंद नहीं रहती हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना किन कारणों से हुई इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियां करेंगी।

 

दो गाड़ियां व एलएनटी मशीन भी क्षतिग्रस्त

हादसे में दो गाड़ियां व एक एलएनटी क्षतिग्रस्त हुई है। तिलोरधार में खनन कार्य के दौरान पत्थरों से भरी एक गाड़ी खनन स्थल से बाहर निकल रही थी। तभी ऊपर से भारी मलबा और विशालकाय चट्टानें खिसककर नीचे आ गिरीं। पूरा हिस्सा मलबे की चपेट में आ गया। आशंका है कि गाड़ी के चालक समेत तीन लोग इसी मलबे के नीचे दब गए हैं।

बरसात में खनन होने पर उठाए सवाल

पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर ने भी बरसात में खनन गतिविधियां चलने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसकी अनुमति पर खनन हो रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। क्यों मजदूरों की सुरक्षा को ध्यान में नहीं रखा गया। इस हादसे के लिए जो जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

एनजीटी के समक्ष उठाएंगे मामला

समाजसेवी नाथूराम चौहान ने जिला सिरमौर में बरसात के दौरान खनन गतिविधियों पर प्रशासन की रोक के बावजूद अवैध खनन जारी रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने नाहन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और संबंधित विभागों ने अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई तो इस मामले को एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया जाएगा। 

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