विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमाचल में HRTC नाहन डिपो को सरकार ने दी 25 इलेक्ट्रिकल बसें, फिर दो महीने में ही वापस ले ली 17 बसें; जानिए क्यों?

Published: Tue, 29 Sep 2026 03:46 PM (IST)

नाहन डिपो को ई-डिपो बनाने का सपना टूट गया है, क्योंकि सिरमौर को मिली 25 इलेक्ट्रिक बसों में से 10 ...और पढ़ें

एचआरटीसी नाहन डिपो को सरकार ने दी 25 इलेक्ट्रिकल बसें, दो माह में वापस ले ली 17 बसें।

एचआरटीसी नाहन डिपो को सरकार ने दी 25 इलेक्ट्रिकल बसें, दो माह में वापस ले ली 17 बसें।

HighLights

  1. नाहन ई-डिपो का सपना टूटा, 17 बसें अन्य डिपो भेजी गईं

  2. सिरमौर में दो दर्जन से अधिक बस रूट बुरी तरह प्रभावित हुए

  3. चार्जिंग पॉइंट व बस स्टैंड भवनों की कमी से परियोजना विफल

राजन पुंडीर, नाहन। प्रदेश सरकार द्वारा जिला सिरमौर के एक मात्र एचआरटीसी नाहन डिपो को ई डिपो बनाने का सपना टूटने लग पड़ा है। प्रदेश सरकार द्वारा जुलाई माह में नाहन डिपो को 15 बसें भेजी थी।

इसके बाद 4 अगस्त को उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नाहन बस स्टैंड पर इलेक्ट्रिकल बसों का विधिवत शुभारंभ किया। 20 अगस्त तक 10 और बसें नाहन डिपो को मिली। जिला सिरमौर को कुल 25 इलेक्ट्रिकल बसें मिली। मगर दो महीनों में ही निगम प्रबंधन के उच्च अधिकारियों ने नाहन डिपो से 10 इलेक्ट्रिकल बसें तथा 7 डीजल बसें वापस लेकर प्रदेश के विभिन्न बस डिपो को भेज दी।

जिसके चलते जिला सिरमौर में दो दर्जन से अधिक बस रूट प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार तथा निगम के अधिकारियों के लापरवाही जिला सिरमौर के लोगों पर भारी पड़ रही है। नाहन से 10 इलेक्ट्रिकल बसों को तीन डिपो में भेजा गया है। जिसमें रोहडू के लिए तीन बसें, रामपुर के लिए दो बसें तथा पठानकोट डिपो के लिए पांच इलेक्ट्रिकल बसें नाहन से भेज दी गई है।

वहीं, 7 डीजल बसें भी शिमला जिला को भेजी गई है। जिसमें नेरवा डिपो के लिए दो बसें, तारा देवी डिपो के लिए दो बसें, रोहडू डिपो के लिए दो बसें तथा एक बस लोकल यूनिट शिमला को भेजी गई है। जबकि एक और बस लोकल यूनिट को और भेजी जानी है।

प्रदेश सरकार ने की है चार ई बस डिपो बनाने की घोषणा

प्रदेश सरकार ने चार ई बस डिपो बनाने की घोषणा की थी। जिसमें नादौन, हरोली व ठियोग तीन नए बस डिपो बनाए गए। जबकि सिरमौर जिला के एकमात्र नाहन बस डिपो को अपग्रेड कर ई डिपो बनाने की भी घोषणा की गई थी। मगर प्रदेश सरकार ना तो जिला सिरमौर के विभिन्न बस स्टैंड पर एक साल में चार्जिंग पॉइंट लगा पाई, ना ही जिला सिरमौर में कई स्थानों पर निगम के पास अपने बस स्टैंड भवन है।

जिला सिरमौर में पांवटा साहिब, नाहन, सराहां व राजगढ़ में अपने निगम के पास बस स्टैंड भवन हैं। इसके अतिरिक्त संगडाह, शिलाई, श्रीरेणुकाजी, नौहराधार, हरिपुरधार में बस स्टैंड ही नहीं है। यहां पर बसें सड़क पर ही रूकती ओर खड़ी होती हैं।

प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक बसें लेने की कवायत पिछले 3 वर्षों से चल रही थी। मगर प्रदेश सरकार और परिवहन निगम जिला सिरमौर में 3 वर्षों में चार्जिंग पॉइंट भी स्थापित नहीं कर पाया। अभी तक नाहन बस स्टैंड, वर्कशॉप और पांवटा साहिब बस स्टैंड में चार्जिंग पॉइंट लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन माह पूर्व ही नाहन

डिपो 10 बसें कंडम हुई थी। अक्टूबर माह के अंत तक पांच और बसें कंडम हो जाएंगे। वही 17 बसें सरकार ने नाहन डिपो से वापिस लेकर विभिन्न डिपयों को भेज दी है। जिसके चलते और अधिक बस रूट प्रभावित होंगे। जिसका खामियाजा जिला सिरमौर की जनता को भुगतना पड़ रहा हैं।

नाहन डिपो से 10 इलेक्ट्रिकल बसें तथा 7 डीजल बसें प्रदेश के विभिन्न डिपो को भेजे जाने के संदर्भ में परिवहन मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से बातचीत की जाएगी। सभी बसों को वापिस नाहन मंगवाया जाएगा। -अजय सोलंकी विधायक नाहन।