'हाटी का मामा जयराम ठाकुर', पूर्व CM बोले- पूरी शिद्दत से निभाएंगे रिश्ता; भ्रष्टाचार-कर्ज को लेकर सुक्खू सरकार पर बरसे
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिलाई में सुक्खू सरकार पर विकास रोकने, भ्रष्टाचार और भारी कर्ज बढ़ाने का आरोप लगाया। ...और पढ़ें
HighLights
सुक्खू सरकार ने विकास कार्य रोके, बदले की भावना से काम।
भ्रष्टाचार चरम पर, प्रदेश पर कर्ज का नया रिकॉर्ड।
हाटी समुदाय को आदिवासी दर्जा दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जागरण संवाददाता, नाहन। प्रदेश में सरकार भले ही कांग्रेस की है, लेकिन जनता के ज़हन में आज भी भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई विकास योजनाओं का ही जिक्र होता है। वर्तमान सुक्खू सरकार ने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में कोई नई योजना बनाई ही नहीं, ऐसे में जनता भला क्या याद रखेगी। हम सत्ता में हैं या नहीं यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि लोगों के दिलों में रहना बड़ी बात है।
जब हाटी ने रिश्ता जोड़ लिया है तो हम उसे पूरी शिद्दत से निभाएंगे। यह उद्गार पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए।
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार काम करने के लिए नहीं, बल्कि बदले की भावना से विकास कार्यों को बंद करने और तालाबंदी करने के लिए जानी जा रही है।
11 में से 10 जिला परिषदों व तीन नगर निगमों पर परचम
सरकार ने बजट प्रावधान और जनता की मांग पर खोले गए लगभग ढाई हजार शैक्षणिक व प्रशासनिक संस्थानों को ताले लटका दिए, क्योंकि मुख्यमंत्री को लगता है कि जब सत्ता में वापस लौटना ही नहीं है, तो विकास क्यों कराया जाए।
उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए पंचायतीराज और स्थानीय निकाय चुनावों में मुख्यमंत्री सुक्खू केवल भाजपा के गुट गिनते रह गए, जबकि भाजपा ने अपनी विचारधारा के 80 प्रतिशत जनप्रतिनिधियों को जीत दिलाई और 11 में से 10 जिला परिषदों व तीन नगर निगमों पर परचम लहराया।
कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए उन्होंने दावा किया कि चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस हाईकमान खड़गे और राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री की क्लास ली, जिसमें अपनी विफलता छिपाने के लिए सुक्खू ने मंत्रियों पर कसूर मढ़ा, लेकिन मंत्रियों ने सीधे मुख्यमंत्री को हार का जिम्मेदार ठहराकर उन्हें पद से हटाने तक की सिफारिश कर दी है।
सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर
अब तिलमिलाए मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के जुगाड़ में लगे हैं और हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहे हैं, यहाँ तक कि उनकी ही सरकार के एक मंत्री के पूर्व विधायक पुत्र ने उन पर दिल्ली में अटैची भेजने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे स्पष्ट है कि सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। जयराम ठाकुर ने झूठी गारंटियों, किशाऊ परियोजना के भ्रामक श्रेय और बढ़ते कर्ज के मुद्दे पर भी सुक्खू सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना छह राज्यों की सहमति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद पूरी हुई। लेकिन सुक्खू बिना वजह अपना गुणगान कर रहे हैं। कर्ज के आंकड़ों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पूरे कार्यकाल में मात्र 19,600 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया था जिससे लगातार विकास कार्य हुए।
लेकिन सुक्खू सरकार ने साढ़े तीन साल में ही 50,000 करोड़ रुपए का नया ऋण लेकर प्रदेश का कुल कर्ज 69,600 करोड़ से सीधे 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये पहुंचा दिया है, फिर भी ज़मीन पर कोई विकास नजर नहीं आ रहा।
'हाटी का मामा जयराम ठाकुर'
शिलाई की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने हाटी समुदाय को ट्राइबल का दर्जा दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही कहा कि पूर्व विधायक बलदेव तोमर की मेहनत बेकार नहीं जाएगी तथा साजिश रचने वालों को जनता सबक सिखाएगी।
पूर्व विधायक बलदेव तोमर की अगुवाई में हुए भव्य स्वागत और "हाटी का मामा जयराम ठाकुर" के नारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम ठेठ पहाड़ी हैं और जो रिश्ता एक बार दिल से जोड़ लेते हैं, उसे जी-जान से निभाते हैं।
इस अवसर पर पच्छाद की विधायक रीना कश्यप, शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर, जिला परिषद अध्यक्ष शिवानी वर्मा, जिप उपाध्यक्ष बलदेव भंडारी, नारायण सिंह और दलीप सहित अनेक गणमान्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
