जागरण संवाददाता, नाहन : प्रदेश के पुलिस थानो का औचक निरीक्षण का मुख्य उदेश्य यह देखना है कि आदेश एसएचओ स्तर तक पहुंचे हैं या नहीं। यह बात बुधवार को नाहन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में हिमाचल पुलिस के डीजीपी एसआर मरडी ने कही। डीजीपी ने कहा कि सिरमौर जिला में पिछले सालों की तुलना में क्राइम का ग्राफ नीचे आया है। सिरमौर पुलिस ने खासकर ट्रैफिक के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए हैं। डीजीपी ने कहा कि अगर सरकार चाहेगी तो पावटा साहिब को भी बद्दी की तरह पुलिस जिला बनाया जा सकता है। डीजीपी होने के नाते मैं पावटा साहिब में पुलिस जिला बनाने के पक्ष में हूं। डीजीपी ने कहा कि सिरमौर पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने एनडीपीएस के मामलों में शानदार कार्य किए हैं। पिछले छह माह में पुलिस प्रदेश में तीन क्विंटल चरस व 6 किलो हेरोइन बरामद की गई। इसके अलावा नाईजीरियन ड्रग रैकेट को पकड़ने में भी हिमाचल पुलिस का कार्य बेहतरीन रहा है। मर्डर मामलों में भी साथ के साथ अभियुक्त पकड़े गए। मरडी ने बताया कि वह आजकल विभिन्न जिलों में जाकर अकस्मात निरीक्षण कर रहे हैं। पिछली रात उन्होंने बिना किसी नोटिस के सराहा व नाहन थाना का निरीक्षण किया। इससे पहले वह सोलन जिला में निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों थानों में निरीक्षण के बाद सभी रिपोर्ट सही पाई गई। हर जिला में पब्लिक को साथ जोड़ने के लिए नशा निवारण समिति बनाई गई है। इन कमेटियों में किसी को भी पद से नहीं नवाजा गया है। यह इसलिए किया गया है, ताकि आम आदमी की भागीदारी से बढ़ते नशे पर अंकुश लग सके। उन्होंने प्रदेश में यातायात नियंत्रण के क्षेत्र में अभी ओर सुधार करने की गुंजाइश की है। हरिपुरधार में चौकी खोलने के मामले में उन्होंने बताया कि इसके लिए एसपी सिरमौर ने प्रपोजल भेजा है। चूड़धार के बेस कैंप नौहराधार में पुलिस फोर्स उपलब्ध करवाने के बारे में उन्होंने विचार करने की बात कही। इस दौरान एसपी सिरमौर रोहित मालपानी, छठी आइआरबी बटालियन के कमाडेंट अजय शर्मा व डीएसपी प्रतिभा चौहान भी मौजूद रहे।

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