जागरण संवाददाता, नाहन : जिला सिरमौर के दुर्गम क्षेत्र शिलाई में सोमवार को राजपूत सभा ने सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस सर्वदलीय बैठक में राजपूत सभा के सदस्यों ने विधायक राकेश सिंघा के खिलाफ शिलाई के बकरास में हुई दुर्घटना को जातीय हिंसा का नाम देने पर राकेश सिंघा का जमकर विरोध किया। शिलाई उपमंडल की विभिन्न पंचायतों से आए हजारों की सं या में राजपूतों ने शिलाई बाजार में राकेश सिंघा मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही पुलिस पर भी एसएसीएसटी एक्ट का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। राजपूत समुदाय के लोगों ने माग की कि राकेश सिंघा ने केदार सिंह जिंदान की मौत के मामले में जातीय हिंसा से जुड़ा है, जोकि क्षेत्र की शाति में जहर घोल रहा है। जब की शिलाई क्षेत्र में ऐसा कुछ भी नहीं था। राजपूत सभा ने माग की कि विधायक राकेश सिंघा के खिलाफ शिलाई क्षेत्र में आकर जातीय हिंसा को भड़काने के लिए मामला दर्ज किया जाए। बैठक में आए करीब 3 दर्जन एससी समुदाय के लोगों ने पुलिस अधीक्षक सिरमौर से माग की कि केदार सिंह जिंदल की हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए उपप्रधान जयप्रकाश चौहान हमेशा ही उनके हितेषी रहे हैं और वह हमेशा ही पंचायत के कायरें में गरीब व एससी लोगों की मदद किया करते हैं। इस दौरान सर्वदलीय बैठक के बाद राजपूत सभा के लोगों ने पुलिस थाना शिलाई में पुलिस अधीक्षक सिरमौर रोहित मालपानी को केदार सिंह जिंदान की मौत के मामले में एससीएसटी धारा हटाने व निष्पक्ष जाच की माग की। राजपूत समुदाय ने माग की कि अगर विधायक राकेश सिंघा के खिलाफ शिलाई क्षेत्र में आकर भड़काऊ भाषण देने व यहा के लोगों और भाईचारे में जहर घोलने के खिलाफ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, तो राजपूत सभा को मजबूरन पुलिस और सरकार के खिलाफ आदोलन करना पड़ेगा।

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