शिमला, जेएनएन। राजधानी शिमला में चार वर्षीय बच्चे युग की अपहरण के बाद हत्या मामले में दोषी तीनों हत्यारों की शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चोरी के मामले में पेशी हुई। शुक्रवार दोपहर बाद जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग से उनकी कोर्ट में पेशी हुई। तीनों दोषी पहले सभी से बातचीत करते थे। युग हत्याकांड में फांसी की सजा मिलने के बाद वे किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहे हैं। वे केवल औपचारिक बातचीत ही जेल प्रबंधन के साथ कर रहे हैं।

तीनों दोषियों तेजेंद्र सिंह, विक्रांत बख्क्षी व चंद्र को कोर्ट ने नवंबर में कोर्ट के समक्ष पेश होने को कहा है। उन्हें दो दिन से अन्य कैदियों से अलग रखा जा रहा है। रात का खाना तीनों दोषी सामान्य रूप से खा रहे हैं लेकिन ज्यादा किसी के साथ घुलमिल नहीं रहे है। शुक्रवार सुबह तीनों दोषियों की आपस में कुछ देर बात हुई। सूत्रों के मुताबिक वे जिला कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कर रहे थे।

जानें, क्या था मामला

शिमला निवासी एवं रामबाजार में दुकान चलाने वाले विनोद गुप्ता के चार वर्षीय बेटे युग गुप्ता का 14 जून 2014 को बाजार से अपहरण हुआ था। चंद्र शर्मा ने युग को गोदाम में बंद किया। उसके बाद तेजेंद्र सिंह व विक्रांत बख्शी को साथ लेकर युग को रामचंद्रा चौक के समीप किराये के मकान में रखा गया। नशे में धुत दोषियों ने उसे एक सप्ताह यातनाएं दीं। इसके बाद उसे पेटी में बंद कर भराड़ी के नजदीक नगर निगम के पानी के स्टोरेज टैंक में जिंदा फेंक दिया था।

जानें, कब क्या हुआ

14 जून 2014 : युग का अपहरण, परिजनों ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। बाद में पुलिस के असफल रहने पर मामला सीआइडी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर। 

20 अगस्त 2016 : सीआइडी ने विक्रांत को गिरफ्तार किया जिसने सच उगल दिया।

22 अगस्त : विक्रांत की निशानदेही पर भराड़ी टैंक से युग का कंकाल बरामद। इसी दिन चंद्र शर्मा व तेजेंद्र गिरफ्तार।

25 अक्टूबर : आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट पेश।

20 फरवरी, 2017 : जिला एवं सत्र न्यायालय में ट्रायल शुरू।

28 मार्च : युग मामले में पहला ट्रायल नौ दिन चला।

27 फरवरी, 2018 : प्रॉसिक्यूशन विटनेस पूरी।

5 मार्च : आरोपितों के बयान रिकॉर्ड।

27 अप्रैल : आरोपितों को डिफेंस एविडेंस का मौका दिया।

8 मई : आरोपितों ने डिफेंस में एविडेंस पेश करने से मना किया। कोर्ट ने बहस की तारीख तय की।

6 अगस्त : आरोपितों को दोषी करार दिया गया।