जागरण संवाददाता, शिमला : राजकीय महाविद्यालय संजौली में नशे के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए कार्यशाला हुई। इसमें आइजीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. रवि और पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी मुख्य वक्ता रहे। वक्ताओं ने युवा पीढ़ी को यह बताने का प्रयास किया गया कि कैसे नशाखोरी से बचा जाए। कहा कि समाज में नशा महामारी की तरह फैल रहा है। युवा इस व्याधि से पीछे नहीं हटा तो समाज अंधेरे की गर्त में चला जाएगा।

आइजीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. रवि ने कहा कि विद्यालय से लेकर कॉलेज तक के अधिकतर विद्यार्थी किसी न किसी नशे की लत में फंसे हैं। सबसे बड़ी समस्या हमारे सामने यह है कि हमारा वातावरण कैसा है, हमारी संगत कैसी है, संगत ही नशा करने के लिए प्रेरित करती है, इसलिए संगत बेहतर होनी चाहिए। डॉ. रवि ने कहा कि हम निष्ठा को कायम रखते हुए प्रशासन और सरकार की बनाई नीतियों को आत्मसात कर हिमाचल को शिखर तक पहुंचाएंगे।

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आठ माह में तीन क्विंटल चरस जब्त

कार्यशाला के दूसरे सत्र में पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी ने कहा कि आठ माह में हिमाचल पुलिस ने तीन क्विंटल चरस जब्त की है। आज सरकार का भी यही ध्येय है कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाया जाए। मुख्यमंत्री की दृष्टि है कि पहले मैं, फिर मेरा परिवार और हम सभी इस अभियान में सम्मिलित होकर हिमाचल को नशामुक्त करेंगे। इसके लिए युवा वर्ग का जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संजौली महाविद्यालय ने इस अभियान को गंभीरता से लिया है। कार्यशाला का अंतिम सत्र परामर्श का था, जिसमें मनोचिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञों ने कुछ युवाओं को जागरूक किया, जो मादक द्रव्यों का सेवन करते थे। उन्हें नई दिशा के लिए प्रेरित किया।

Posted By: Jagran