शिमला, राज्य ब्यूरो। भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने वाली इंदु गोस्वामी ने कहा कि संगठन मेरा-तेरा करने लग गया था। पार्टी में ऐसा नहीं होना चाहिए। मैं भाजपा कार्यकर्ता थी और रहूंगी। इसमें किसी को कोई शंका नहीं होनी चाहिए। हिमाचल की राजनीति में पहले ही महिलाएं कम हैं। लेकिन उन महिलाओं को राजनीति में आगे नहीं आने दिया जा रहा है। बकौल इंदु, अवसर देना तो दूर है, सहयोग देने के बजाए षड्यंत्र रचा जाता है। मैं इस पूरे मामले पर शिमला आकर स्थिति साफ करूंगी। सरकार व संगठन के समक्ष कई बार बात रख चुकीं इंदु को लगता है कि पार्टी का दायित्व है कि सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चले। मंत्री सहयोग करने को तैयार नहीं हैं।

इस कारण लोगों की समस्याओं का समाधान करना किसी भी महिला के लिए संभव नहीं है। करीब 32 साल से समाजसेवा का ध्येय लेकर चलीं इंदु गोस्वामी के लिए विधायक बनना मंजिल नहीं है। शाह व नड्डा के जवाब का इंतजार इंदु गोस्वामी के इस्तीफे के बाद संगठन बड़े सवालों में घिर गया है। अंगुलियां उठ रही हैं कि संगठन पसंद के लोगों को लेकर एकतरफा चला रहा है। पालमपुर में दूसरे गुटों के कहने पर हो रहे कामकाज भी इंदु के इस्तीफे का एक कारण हो सकता है। प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती व संगठन मंत्री पवन राणा भी इंदु गोस्वामी के निशाने पर आ सकते हैं। इंदु गोस्वामी फिलहाल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का जवाब आने का इंतजार कर रही हैं।