हिमाचल में कब होगा मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल, CM सुक्खू ने बताई डेट; इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन का भी किया एलान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली से लौटकर हिमाचल में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के संकेत दिए हैं। उन्होंने ...और पढ़ें
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। फाइल फोटो
HighLights
मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के स्पष्ट संकेत दिए।
इंडिया गठबंधन दिल्ली में करेगा बड़ा विरोध प्रदर्शन।
प्रशासनिक पुनर्गठन पर विपक्ष को दो-टूक जवाब।
राज्य ब्यूरो, शिमला। दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रविवार को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी लामबंदी और प्रदेश की आंतरिक राजनीति को लेकर दो अहम राजनीतिक बात कही।
शिमला में राज्य सचिवालय के दो नए विस्तार भवनों के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ इंडिया गठबंधन बहुत जल्द दिल्ली में एक बड़ा संयुक्त विरोध प्रदर्शन करेगा।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में सरकार के चार वर्ष पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के भी स्पष्ट संकेत दिए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र और चुनाव प्रणाली पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (एसआइआर) में अनियमितताएं कर वोट की चोरी की गई है, जिसके चलते चुनावी नतीजों पर विपरीत असर पड़ा।
एसआईआर का असर राज्य तक सीमित नहीं
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इस आंदोलन की धार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एसआइआर का असर केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे देश में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना विपक्ष का संवैधानिक कर्तव्य है।
मुख्य विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में इस राष्ट्रव्यापी अभियान की कमान संभाल रही है और दिल्ली में होने वाली रैली में इंडिया ब्लॉक के सभी घटक दल एकजुट होकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे।
सरकार के 4 साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार व फेरबदल
राज्य की अंदरूनी सियासत पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने साफ किया कि दिसंबर में कांग्रेस सरकार के चार साल पूरे होने से पहले कैबिनेट का विस्तार और पुनर्गठन किया जाएगा। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष, 10 महीने और सात दिन पूरे कर लिए हैं। मंत्रिमंडल में रिक्त पदों को भरने और फेरबदल के अंतिम स्वरूप पर फैसला पार्टी हाईकमान के साथ विस्तृत चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
प्रशासनिक पुनर्गठन पर विपक्ष को दो-टूक
प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए गठित आयोग के फैसले को कानूनी और राजनीतिक चुनौती देने की विपक्ष (भाजपा) की रणनीति पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिनमें चुनौतियों का सामना करने का साहस होता है, वे मैदान में टिकते हैं। हमारी सरकार हर कानूनी और राजनीतिक चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में आयोग में दो नए सदस्य शामिल हुए हैं और उनके कार्यालय की व्यवस्था की जा रही है। यह आयोग सभी ब्लाकों, तहसीलों और जिलों के भौगोलिक व जनसांख्यिकीय स्वरूप का गहन अध्ययन करेगा। जरूरत पड़ने पर जिला और तहसील सीमाओं में फेरबदल, एसडीएम ब्लाकों का पुनर्गठन और क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा ताकि प्रशासनिक व्यवस्था जनहितैषी बन सके।
