जागरण संवाददाता, शिमला : लंबे समय से बारिश न होने के कारण शहर में पेयजल संकट खड़ा होना शुरू हो गया है। पेयजल परियोजनाओं के मुख्य स्रोतों में जलस्तर घट गया है। इस कारण शिमला जल प्रबंधन निगम ने पानी वितरण के समय में कटौती कर दी है। तीन घंटे की बजाय एक घंटा ही पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कुछ जगह पर एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है।

शिमला में करीब छह से आठ मिलियन लीटर पर डे (एमएलडी) पानी रोजाना कम मिल रहा है। रिज मैदान के टैंक की मरम्मत के लिए लाइन को मेन लाइन से सीधे सप्लाई की जा रही है। इससे भंडारण क्षमता भी घट गई है। ऐसे में समस्या और भी बढ़ गई है। सभी परियोजनाओं से करीब 44 एमएलडी पानी ही शहर को मिल पाया। इसके चलते शहर में पानी की सप्लाई में कट लगाया गया। आठ एमएलडी के करीब गिरी सप्लाई

लंबे समय से शिमला में 48 से 50 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही थी, लेकिन अब मात्र 44 एमएलडी पानी ही मिल रहा है। जबकि शहर में पर्यटन सीजन जोरों पर है और पर्यटन सीजन के दौरान शिमला में 55 एमएलडी पानी की जरूरत रहती है। ऐसे में शिमला जल प्रबंधन निगम द्वारा पानी के कट लगाकर आपूर्ति की जा रही है। बारिश नहीं हुई तो गहरा सकता है संकट

जिले में एक सप्ताह के भीतर यदि बारिश नहीं होती है तो पेयजल परियोजनाओं के मुख्य स्रोतों में पानी की भारी कमी आ जाएगी। इसके लिए भी शिमला जल निगम ने खाका तैयार कर लिया है। पानी कम लिफ्ट होने के दौरान शिमला जल निगम एक दिन छोड़कर पानी उपलब्ध करवाएगा। शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां पर पहले ही एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। ऐसी स्थिति में इन इलाकों में चौथे दिन पानी की सप्लाई होगी जिससे लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ सकती है। परियोजनाओं के मुख्य स्रोतों में जलस्तर कम हो गया है। एक सप्ताह के भीतर यदि बारिश नहीं होती है तो शहर में पानी की राशनिग करनी पड़ेगी।

धर्मेद्र गिल, प्रबंध निदेशक शिमला जल निगम।

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