जागरण संवाददाता, शिमला : राजधानी शिमला में हुए हिमपात के बाद भी लोगों की दिक्कतें कम नहीं हो पा रही हैं। 41 मिलियन लीटर पर डे (एमएलडी) पानी की लिफ्टिंग होने के बावजूद शहर में लोगों को नियमित रूप से पानी नहीं मिल पा रहा है। इसका कारण शहर के कोल्ड जोन वाले एरिया में पानी की सप्लाई न होना है। जाखू, यूएस क्लब, जोधा निवास, शांकली, रुल्दूभट्ठा सहित कुछेक क्षेत्रों में पानी की पाइपें जम रही हैं। इसके कारण तय शेड्यूल के अनुसार पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।

शिमला जल प्रबंधन निगम ने कीमैन को गैस पंप स्टोव दिए हैं। पानी की जमी पाइपों को गर्म कर बर्फ पिघलाकर सप्लाई को सुचारू करने के लिए ये पंप दिए हुए हैं, लेकिन पूरी लाइन ही जमी होने के कारण निगम की यह तकनीक भी काम नहीं आ रही है।

शिमला जल प्रबंधन निगम के अधिकारियों का कहना है कि पानी की पाइपें अकसर बर्फ में जाम हो जाती हैं, जिस कारण यह दिक्कत पेश आई है। हालांकि शहर के अन्य हिस्सों में सामान्य रूप से पानी की सप्लाई दी जा रही है। वहीं शहर के उपनगरों में सुबह के समय लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। हिमपात के कारण शहर के कई क्षेत्रों में पानी की पाइपें टूटी हुई हैं। कई जगह लीकेज है। इस कारण भी पेयजल आपूर्ति कई स्थानों पर बाधित हुई है।

शिमला जल प्रबंधन निगम के महाप्रबंधक आरके वर्मा का कहना है कि नियमित रूप से पानी की सप्लाई की जा रही है। जहां पर पानी की पाइपें जमी होती हैं वहां दोपहर के समय पानी छोड़ा जा रहा है। वीरवार को 41 एमएलडी आया पानी

शिमला में छह परियोजनाओं से पानी आता है। रोजाना औसतन 44 से 45 एमएलडी पानी शहर में आता है। वीरवार को 41 एमएलडी ही पानी आया। इसमें गुम्मा परियोजना से 17.77, गिरि से 16.24, चुरट से 2.50, सियोग से 0.39, चैड़ से 0.60, कोटी बारंडी से 4.3 एमएलडी पानी की सप्लाई हुई है।

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