रोहडू, जितेंद्र मेहता। पब्बर नदी पर 15 करोड़ 81 लाख की लागत से बन रहा बखीरना पुल गिर गया। 15 जुलाई 2018 से बन रहे इस पुल का कार्य वीकेजी नामक चंडीगढ़ की कंपनी कर रही थी। पुल टूटने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। वहीं हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों को पुल के लिए अब और लंबा इंतजार करना पड़ेगा। विभाग की माने तो पुल बनाने का काम 15 जुलाई 2018 से शुरू हुआ।

लॉकडाउन की शुरुआत में 24 मार्च के दौरान तीन दिनों तक पुल की सतह डैक स्लैब का काम पूरा किया गया। इस पर अब तक 12 करोड़ के करीब धनराशि खर्च हो चुकी है। विभाग के अनुसार, इस पुल की कुल लंबाई 96 फीट है। इसमें से 66 फीट लम्बा भाग पूरी तरह जमीन पर आकर गिर चुका हैं। इस पुल की शटरिंग कुछ दिनों पहले ही उतारी गई थी।

मंगलवार को करीब 2 बजकर 15 मिनट के करीब पुल के टूटने के कुछ मिनटों के भीतर एसडीएम रोहडू बीआर शर्मा ,डीएसपी रोहडू टीम के साथ तुरंन्त मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया। डीएसपी रोहडू सुनील नेगी ने बताया कि इस पुल के टूटने से किसी व्यकि्त के हताहत होने की सूचना नहीं हैं। वही घटना क लेकर पुलिस तफ्तीश में जुट गई है।

डिजाइन की दिक्कत हो सकता है कारण : विभाग

लोक निर्माण विभाग के एसडीओ नरेंद्र नायक ने बताया इस पुल के टूटने का कारण प्राथमिक रूप से इसका कारण डिजाइन फेलियर बताया है। उन्होंने बताया विभाग किसी भी निर्माण कार्य के समय प्रयुक्त होने वाली सामग्री बारीकी से परखता है। फिर भी कोई भूल चूक रह गई हो तो इसकी जांच में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

विधायक ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने पुल के ढहने पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि भगवान का शुक है कि इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। पुल के ढहने से क्षेत्र का भारी नुकसान हुआ है। विधायक ने इस लापरवाही पर रोष जाहिर करते हुए इस घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

Posted By: Rajesh Sharma

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