राज्य ब्यूरो, शिमला : प्रदेश शिक्षा विभाग में लंबित विभिन्न मामलों की जांच को लेकर अब उपनिदेशकों व कॉलेज के पि्रंसिपलों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद सोलन व उच्च शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। शिविर का शुभारंभ बुधवार को डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय नौणी में हुआ।

शिविर में उच्चतर शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में प्राथमिक जांच सहित करीब 300 मामलों की जांच लंबित होना चिंता का विषय है। ऐसे लंबित मामलों की सूची न बढ़े, इसके लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। तीन दिन तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में कॉलेज के प्रिंसिपलों और शिक्षा उपनिदेशकों को जांच करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में सरकारी कॉलेजों के 42 प्रिंसिपल व उच्च शिक्षा विभाग के 16 शिक्षा उपनिदेशक भाग ले रहे हैं। अधिकतर मामलों में कॉलेज के प्रिंसिपल और उपनिदेशकों को ही जांच अधिकारी बनाया जाता है। इस कारण इन्हें जांच करने के सभी गुर सिखाएं जाएंगे। शिविर के दौरान ओवरव्यू ऑन कंडक्ट रूल्स, कंडक्टिंग प्रिलिमिनरी इन्कवायरी, प्रोसीजर ऑफ कंडक्टिंग इन्कवायरी आदि विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में परिषद की प्राचार्य डॉ. नम्रता टीकू, प्रो. रीटा शर्मा, डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. हेमराज शर्मा, मदन लाल तोमर, कुसुम शर्मा, डॉ. सतीश राणा, शिवकुमार, सविता नेगी, अनुराधा कपिल, रिम्मी शर्मा, बीएल ठाकुर, लायक राम ठाकुर, संजीव कुमार, हितेश, शिवराम व विनोद भट्ट उपस्थित थे।

By Jagran