मौसम खुलते ही पहाड़ों पर लौटी रौनक, हिमाचल में वीकेंड पर उमड़े सैलानी; शिमला-मनाली के होटलों में 80% तक बढ़ी ऑक्यूपेंसी
मौसम खुलने के बाद हिमाचल प्रदेश में पर्यटन कारोबार ने रफ्तार पकड़ी है, जहां शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे प्रमुख ...और पढ़ें
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शिमला के रिज मैदान पर पर्यटकों की रौनक। फोटो जागरण
HighLights
मौसम खुलने से हिमाचल पर्यटन में तेजी, 80% होटल ऑक्यूपेंसी।
नवरात्रों के कारण पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से पर्यटक।
स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ी, पर यातायात जाम चुनौती।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम खुलते ही पर्यटन कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। वीकेंड पर शिमला, कसौली मनाली और धर्मशाला में पर्यटकों की आमद बढ़ने से होटलों में आक्युपेंसी 60 से 80 प्रतिशत रही। लंबे समय तक वर्षा के कारण प्रभावित रहे पर्यटन कारोबार को सैलानियों की बढ़ती संख्या से राहत मिली है।
मनाली में दिन के समय 55 से 60 प्रतिशत आक्यूपेंसी थी जो देर शाम तक बढ़ने की सूचना है। शिमला में नवरात्रों के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल से आने वाले पर्यटकों की संख्या इन दिनों सबसे अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, मुंबई और दूसरे राज्यों से भी सैलानी पहाड़ों का रुख किए हैं।
विदेशी पर्यटकों भी काफी तादाद में आ रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ निजी वाहनों का दबाव भी बढ़ा है। इसके कारण प्रमुख सड़कों और पर्यटन स्थलों के आसपास यातायात जाम की समस्या पर्यटन के उत्साह पर भारी पड़ रही है। इन दिनों शारदीय नवरात्रों के अवसर पर कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना, शिमला और सिरमौर के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ है।
होटलों के साथ होम स्टे में भी ठहर रहे पर्यटक
पर्यटन कारोबारियों के लिए यह रौनक आगामी त्योहारों और सर्दियों के पर्यटन सीजन की उम्मीदें बढ़ाने वाली है। पर्यटन सीजन के दौरन किसी भी तरह की विशेष छूट होटलों में नहीं रहती है। आगामी दिनों में पर्यटकों की संख्या के और बढ़ने का अनुमान है।

शिमला में वीकेंड पर उमड़े पर्यटक। फोटो जागरण
पर्यटन विकास निगमों के होटलों के अलावा पांच सितारा होटलों में 40 से 60 प्रतिशत एडवांस बुकिंग पर कमरे बुक करवाए जा रहे हैं। होटलों के साथ होम स्टे और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटक ज्यादा ठहर रहे हैं।
हिमाचली उत्पादों की बिक्री बढ़ी
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का लाभ स्थानीय उत्पादों को मिल रहा है। हिमाचली टोपी, शाल, ऊनी वस्त्र, स्थानीय हस्तशिल्प, शहद, पारंपरिक अचार और सेब से बने उत्पाद पर्यटकों को अपनी और आकर्षित कर रहे हैं।
