जागरण संवाददाता, शिमला : प्रदेश में तंबाकू सेवन की समस्या से निपटने के लिए डेंटल कालेज शिमला की ओर से खास मुहिम चलाई गई है। इसके तहत मौजूदा समय में प्रदेशभर के करीब 200 लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कालेज में स्थापित तंबाकू समापन केंद्र में पंजीकृत इन लोगों को दूरभाष के माध्यम से कोरोना महामारी में तंबाकू के दुष्प्रभाव पर जागरूक किया जाता है। साथ ही तंबाकू छोड़ने में आने वाली चुनौतियों की जानकारी लेकर उनका समाधान किया जाता है।

डेंटल कालेज शिमला में साल 2018 से तंबाकू समापन केंद्र चल रहा है। इसके बाद केंद्र में प्रशिक्षु डाक्टरों के साथ विशेषज्ञ डाक्टर मरीजों की काउंसिलिग करते थे। कोरोना काल में यातायात सेवाएं बंद होने के कारण मरीज अस्पताल आने में असमर्थ हैं, इसलिए अस्पताल के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग की ओर से मरीजों को घर बैठे तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के प्रो. डाक्टर विनय भारद्वाज का कहना है कि तंबाकू सेवन और थूकने से कोरोना संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। एक तो थूकने की वजह से संक्रमण तेजी से फैलता है, दूसरा रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी तंबाकू सेवन का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर मन बना लिया जाए तो तंबाकू छोड़ना मुश्किल नहीं है।

मुंह का कैंसर होने की संभावना

पान, गुटका सहित अन्य तंबाकू के पदार्थो के इस्तेमाल से मुंह का कैंसर हो जाता है। इससे बचने के लिए इसके लक्षणों पर जरूर ध्यान दें। मुंह में सफेद रंग के दाग पड़ना, छाले पड़ना जोकि लंबे समय तक न भर रहे हों, आवाज मे भारीपन और खाना निगलने में दिक्कत होना इस बीमारी के लक्षण हैं। समय पर चिकित्सक से संपर्क करें और धूमपान सहित तंबाकू का सेवन करना छोड़ दें।

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