शिमला, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में मानसून को आए काफी समय हो चुका है लेकिन यह अभी पूरी तरह से सक्रिय नहीं हो पाया है। यही कारण है कि कई हिस्सों में लोग बारिश न होने से गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। साथ ही धान और मक्की की फसल पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने वीरवार के लिए आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर सभी को सचेत रहने के लिए कहा है। ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश हो सकती है। वहीं बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश कम ही हुई। शिमला के बाघी में सबसे अधिक वर्षा 25 मिलीमीटर, सोलन के चायल में नौ, धर्मशाला में आठ, ऊना

के बंगाणा में दो मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। बाकी हिस्सों में उमस भरी गर्मी की वजह से लोग बेहाल दिखे।  

 

यातायात के लिए 13 सड़कें बंद

प्रदेश में बारिश और भूस्खलन की वजह से 13 सड़कें यातायात के लिए ठप पड़ी हैं। सड़कें ज्यादा मंडी जोन में आठ, नाहन में तीन, रोहड़ू और सोलन में एक-एक सड़क बंद है। बरसात में अभी तक लोक निार्मण विभाग को 42.43 करोड़ रुपये, जबकि सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को 8.88 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।

आइए जानें किस अलर्ट का क्या मतलब होता है...

ग्रीन - कोई खतरा नहींयेलो अलर्ट - खतरे के प्रति सचेत रहें। मौसम विभाग के निदेशक चरण सिंह ने बताया कि येलो अलर्ट के तहत लोगों को सचेत रहने के लिए अलर्ट किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह अलर्ट जस्ट वॉच का सिग्नल है।

ऑरेंज अलर्ट - खतरा, तैयार रहें। मौसम विभाग के निदेशक चरण सिंह के अनुसार जैसे-जैसे मौसम और खराब होता है तो येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज कर दिया जाता है। इसमें लोगों को इधर-उधर जाने के प्रति सावधानी बरतने को कहा जाता है।

रेड अलर्ट - खतरनाक स्थिति। चरण सिंह ने बताया कि जब मौसम खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है और भारी नुकसान होने की आशंका होती है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है। 

 

Posted By: Babita kashyap

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