शिमला, जेएनएन। ढली बाइपास पर बने मंदिर के सामने पहाड़ी पर लटके बड़े पत्थर कभी भी कहर ढा सकते हैं। सेब सीजन के दौरान यदि यहां भूस्खलन होता है तो बागवानों को मंडी तक पहुंचने में परेशानी होगी, वहीं नुकसान की आशंका भी बनी है। इस आशंका को भांपते हुए जिला प्रशासन ने इस पर काम शुरू कर दिया है।

डीसी शिमला के आदेशों के बाद जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। इसमेंं प्रशासन के अधिकारियों के अलावा राजस्व, एनएच सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। मौके पर अधिकारियों ने पाया कि ढली टनल से मंडी के बीच मंदिर के बिल्कुल सामने पहाड़ पर कई ऐसे पत्थर है जो कभी भी नुकसान कर सकते हैं। इसे बचाने के लिए काफी समय तक अधिकारियों ने कसरत की लेकिन बाद में फैसला लिया है कि अब एनएच के अधिकारी पहाड़ के लटके हुए बड़े पत्थरों को तोड़ेंगे। इसके बाद ही इस संकट को टाला जा सकता है। 

दो साल पहले भी हुआ है भूस्खलन

इस प्वाइंट पर पहले भी भूस्खलन हो चुका है। इस दौरान मंदिर को तो नुकसान हुआ ही था, इसके साथ ही पहाड़ के नीचे बने कई घरों में भी मलबा घुस गया था। उस समय इस पहाड़ से पत्थर को गिरने के लिए रोकने के लिए कदम उठाने की योजना तो बनी, लेकिन समय के साथ इस पर काम करने की फाइल बंद हो गई। अब हालत ये हैं कि यहां से गुजरने वाले हर राहगीर को पहाड़ से पत्थर गिरने का डर सताता है। 

एसडीएम ग्रामीण की अध्यक्षता में टीम ने किया था दौरा 

एसडीएम ग्रामीण की अध्यक्षता में टीम ने मौके का दौरा किया था। इसमें पाया था कि पहाड़ से कभी भी पत्थर गिर सकते हैं। इसे रोकने के लिए ही अधिकारियों ने कई बार बैठकें की। डीसी शिमला अमित कश्यप ने कहा कि शहर में जहां भी बरसात के दौरान नुकसान की आशंका है। वहां पर एहतियातन पहले ही कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं।

 

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