शिमला, राज्य ब्यूरो। कोटखाई में छात्रा से दुष्कर्म व हत्या प्रकरण पर अब प्रधानमंत्री कार्यालय से हिमाचल सरकार को पत्र आया है। इसी पत्र के आधार पर अतिरिक्त मुख्य सचिव जन शिकायत निवारण (आरपीजी) ने गृह विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। शिमला की मदद सेवा ट्रस्ट ने पीएम ऑफिस को शिकायत की थी। इस शिकायत में सीबीआइ जांच पर सवाल उठाए गए थे।

एक दिन पहले ही इस संबंध में ट्रस्ट को एसीएस गृह का पत्र प्राप्त हुआ है। इसकी प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय के एसओ मुकुल दीक्षित को भी प्रेषित की गई है। इस मामले में अब राज्य सरकार क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं। वजह यह है कि सीबीआइ इस केस की चार्जशीट पिछले साल कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। इसके बाद सप्लीमेंटरी चार्जशीट तैयार नहीं की गई। इससे साफ है कि जांच एजेंसी के पास तथ्य नहीं आए। पहले पूरे मामले की मॉनीटरिंग खुद हाईकोर्ट कर रहा था। केस में अनिल उर्फ नीलू को ही मुख्य आरोपित बनाया गया।

जांच में सामूहिक दुष्कर्म के आरोप भी साबित नहीं हो पाए हैं। हालांकि पीड़ित परिवार कहता रहा है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या करने में कई व्यक्ति संलिप्त रहे हैं। केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने मदद सेवा ट्रस्ट के ही एक पत्र को आगामी कार्रवाई के लिए सीबीआइ निदेशक को भी भेजा है। कैथू जेल में है आरोपित नीलू मामले का मुख्य आरोपित नीलू कंडा जेल में है। पहले उसे कैथू जेल में रखा गया था। वहां पर दो बंदियों के साथ मारपीट करने के बाद जेल प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए। उसे ज्यादा सुरक्षित जगह पर भेजा। वहीं सूरज हत्याकांड के आरोपित शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी कैथू जेल में हैं। पूर्व आइजी, डीएसपी समेत आठ आरोपित पुलिस कर्मी भी कंडा में बंद हैं।

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