शिमला, जेएनएन। अब शहर में वाहन का चालान काटने पर डॉक्यूमेंट भी साथ लेना होगा। जिला अदालत की ओर से फैसला दिया है कि चालान डॉक्यूमेंट के साथ काटे जाने चाहिए। बिना डॉक्यूमेंट के काटे गए चालानों को स्थापित करना मुश्किल होता है। इसलिए भविष्य में चालानों को डॉक्यूमेंट के साथ कोर्ट भेजें। पुलिस ने 30 से 40 हजार चालान बिना डॉक्यूमेंट के ही काट कर कोर्ट में भेजे थे। शहर में दो से तीन महीने पहले पार्किंग के सैकड़ों चालान हुए थे। इसमें अधिकतर चालान बिना डॉक्यूमेंट के ही किए गए थे। इन सभी मामलों में काटे गए चालान को रिकॉर्ड रूम में रखा जाएगा, वहीं भविष्य में सभी चालान काटते समय डॉक्यूमेंट लेने होंगे। बिना डॉक्यूमेंट के चालान नहीं होंगे। 

शहर में सड़क किनारे पार्किंग के सबसे ज्यादा चालान काटे जाते हैं। ये चालान नंबर के आधार पर ही होते हैं। इस दौरान वाहन का मालिक मौके पर  नहीं होता है। ऐसे में पुलिस कर्मचारियों को डॉक्यूमेंट जुटाना मुश्किल हो रहा है। डीएसपी शिमला कमल वर्मा ने माना कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक अब बिना डॉक्यूमेंट के चालान नहीं कट सकेंगे। चालान काटते समय वाह  मालिक से डॉक्यूमेंट लेना होगा।

मोबाइल से किए हैं हजारों चालान

पिछले महीनों में शहर में पुलिस ने सबसे ज्यादा चालान मोबाइल से काटे हैं। इनमें से अधिकतर चालान वाहन मालिकों को भी मैसेज के माध्यम से ही पहुंचे हैं। कुछ वाहन मालिकों को तो अभी तक पता नहीं है कि उनके चालान कटे हैं। ऐसे में पुलिस के लिए भी असमंजस की स्थिति बन गई है।

 टैक्स डिफॉल्टरों का कटेगा बिजली-पानी

नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स अदा न करने वालों पर कार्रवाई का मन बना लिया है। निगम टैक्स न देने वाले डिफाल्टरों का बिजली व पानी का कनेक्शन काटेगा। इसके लिए नोटिस जारी करने की तैयार कर ली गई है। डिफॉल्टरों के बिजली व पानी काटने के आदेश करने के लिए निगम एक्ट में संशोधन करेगा। इसका मसौदा तैयार करने के लिए वीरवार को अधिकारियों की बैठक हुई।

आयुक्त के शिमला पहुंचते ही इस मसौदे को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाना प्रस्तावित है। शहर में टैक्स न देने वाले भवन मालिकों को अभी तक निगम नोटिस ही जारी कर सकता है। इनके खिलाफ कार्रवाई करने की शक्तियां नहीं हैं। हालांकि निगम के हाउस में टैक्स न देने वालों के बिजली व पानी काटने की शक्तियां देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, लेकिन इसे लागू करने से पहले सरकार की मंजूरी लेनी है। इसके लिए निगम प्रशासन एक्ट में संशोधन कर रहा है। शहर में करीब तीन हजार टैक्स डिफॉल्टर हैं, जिन्होंने टैक्स नहीं दिया है। नगर निगम ने इस वित्त वर्ष में शहर वासियों को प्रॉपर्टी टैक्स में भारी छूट दी है। प्रॉपर्टी टैक्स पर शहरवासियों को एक अप्रैल से 10 फीसद की विशेष छूट दी थी। इसके बाद 10 हजार उपभोक्ताओं ने टैक्स जमा करवा दिया है। ऐसे में अब शहर में तीन हजार के करीब डिफॉल्टर बचे हैं। इन पर कार्रवाई करने के लिए निगम ने यह प्रस्ताव तैयार किया है।

जुर्माना भी लगेगा और बिजली-पानी भी कटेगा

तीन हजार टैक्स डिफॉल्टरों पर शिकंजा कसने के लिए जुर्माने के साथ हर महीने एक फीसद ब्याज पर जुर्माना भी नगर निगम वसूल करेगा। इसके साथ ही डिफाल्टरों के बिजली व पानी के कनेक्शन भी काटे जाएंगे। निगम ने इस ओर कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं और जल्द ही डिफाल्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। 

ऑनलाइन स्टेटस देख सकते हैं उपभोक्ता

नगर निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम को पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है। इसके तहत उपभोक्ता निगम की वेबसाइट पर अपना आइडी नंबर डालकर बिल से संबंधित अपना स्टेटस व व्यू देख सकते हैं। उपभोक्ता स्वयं नंबर डालने पर कभी भी अपने बिल का व्यू देख सकते हैं। इसके अलावा उपभोक्ता ऑनलाइन भी  बिल जमा करवाने की सुविधा नगर निगम प्रशासन ने प्रदान की है।

निगम टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा। एक्ट में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलते ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

अजीत भारद्वाज, सह आयुक्त नगर निगम शिमला

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Posted By: Babita kashyap

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