राज्य ब्यूरो, शिमला : दागी शिक्षक के मामले में नया खुलासा हुआ है। राज्य शिक्षक पुरस्कार की सूची में शामिल होने के मामले के बाद जैसे छानबीन आगे बढ़ रही है, दागी शिक्षक के खिलाफ लगे आरोपों से भी पर्दा उठता जा रहा है।

शिक्षक के खिलाफ एक नहीं करीब चार आरोप लगे हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले की जांच 11 साल के बाद भी पूरी नहीं हुई है। विभागीय जांच में दागी शिक्षक के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई थी। इसके बाद विभागीय जांच आयुक्त को 2006 में जांच के लिए सौंप दिया गया था। तबसे मामले की जांच में क्या हुआ शिक्षा विभाग आलाधिकारी नहीं जानते हैं। ऐसे प्रदेश सरकार विभागीय जांच आयुक्त को रिमाइंडर भेजने की तैयारी में है। विभागीय जांच आयुक्त से दागी शिक्षक के खिलाफ चल रही जांच का स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाएगी।

----------

टीए-डीए बिल में गड़बड़ी का भी है आरोप

दागी शिक्षक के खिलाफ चार आरोप लगे हैं। इनमें से दो गंभीर हैं। पहला टीए-डीए बिल गड़बड़ी और दूसरा स्कूल में हाजिरी रजिस्टर के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप भी लगे हैं।

-----------

पुरस्कार सूची में नाम आने के मामले की जांच

वहीं, राज्य शिक्षक पुरस्कार की सूची में दागी शिक्षक का नाम शामिल होने के मामले में भी जांच शुरू होगी। ऐसे में शिक्षकों के नाम चयनित कर राज्य चयन समिति को भेजने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। दागी शिक्षक का नाम कैसे राज्य पुरस्कार की सूची में कैसे शामिल हो गया यह जांच का विषय है। इस मामले के उजागर होने के बाद से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ पांव फूलने लगे हैं।

-----------

इस शिक्षक के खिलाफ लगे आरोपों की चार्जशीट तैयार कर विभागीय जांच आयुक्त को सौंपी गई थी। अब रिमाइंडर भेजकर जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाएगी।

-रोहित जम्वाल, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग।

Posted By: Jagran