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राष्ट्रगान पर घिरी सरकार: जयराम ठाकुर ने CM सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया, 'माफी मांगें या मानहानि झेलें'

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 26 Aug 2026 02:59 PM (IST)Updated: Wed, 26 Aug 2026 03:53 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान विवाद पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू के खिलाफ नोटिस दिया।

  2. राष्ट्रगान विवाद पर विशेषाधिकार हनन का आरोप।

  3. सीएम से माफी मांगने या मानहानि झेलने की मांग।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत (वंदेमातरम) को लेकर शुरू हुआ सियासी संग्राम अब मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस तक पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को दोपहर सवा एक बजे सभी भाजपा विधायकों के साथ मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा।

जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सरासर झूठ बोला

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन के भीतर प्रदेश की 75 लाख जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के खिलाफ सरासर झूठ बोला है। जयराम ठाकुर ने दो टूक चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री इस झूठे आरोप के लिए सदन व जनता से माफी मांगें, अन्यथा विपक्ष उनके खिलाफ न्यायालय में आपराधिक मानहानि (क्रिमिनल डेफामेशन) का मुकदमा दर्ज कराने पर भी विचार करेगा।

जयराम ठाकुर ने बताया कि सत्र आरंभ होने से पूर्व ही मुख्यमंत्री की ओर से संदेश दिया गया था कि सदन में वंदेमातरम नहीं गाया जाएगा। इसके बावजूद सत्र की शुरुआत में पूरे सदन ने राष्ट्रगान का पूर्ण सम्मान किया और बाद में अध्यक्ष के आसन पर बैठने के बाद संपूर्ण वंदेमातरम् भी हुआ।

वीडियो में सच आया सामने

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लगातार मांग के बाद सदन की वीडियो फुटेज हमें उपलब्ध करवाई गई। फुटेज से पूरी तरह स्पष्ट है कि विपक्ष के किसी भी सदस्य ने राष्ट्रगान का अनादर नहीं किया। यदि हमारे किसी सदस्य से कोई त्रुटि हुई होती, तो हम स्वयं उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते। मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं हैं। यदि वे अपनी गलती मानकर क्षमा मांग लेते हैं, तो विपक्ष इस विषय को छोड़ देगा। अब देखना यह है कि विधानसभा अध्यक्ष इस नोटिस पर नियमों के तहत क्या कार्रवाई करते हैं।

तर्क नहीं, कुतर्क गढ़ रहे मंत्री और मुख्यमंत्री

कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी का नाम लिए बिना जयराम ठाकुर ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि सरकार के जिम्मेदार मंत्री तथ्यों के बजाय कुतर्क परोस रहे हैं और मुख्यमंत्री भी उसी राह पर हैं। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जिन-जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां राष्ट्रगीत वंदेमातरम गाने से परहेज क्यों किया जाता है?

आउटसोर्स भर्तियों में अपनों की बेरोजगारी दूर कर रही सरकार

कर्मचारियों और भर्तियों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार आउटसोर्स माध्यम से प्रदेश के आम और योग्य युवाओं को दरकिनार कर अपने चहेतों, पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों के करीबियों को रेवड़ियां बांट रही है। उन्होंने याद दिलाया कि संदिग्ध आउटसोर्स एजेंसियों की मनमानी और भर्तियों के तौर-तरीकों को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय भी अपनी गंभीर चिंता जाहिर कर चुका है।

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