जागरण टीम, शिमला/मनाली : प्रदेश में सितंबर में भी झमाझम बारिश हो रही है। शनिवार को राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं, कुल्लू जिला के 13,050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रे ने बर्फ के फाहे गिरे। मनाली-लेह मार्ग पर बारालाचा दर्रे में भी दो से तीन इंच तक हिमपात हुआ है। इससे वाहन चालकों की दिक्कतें बढ़ी गई हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी का क्रम शुरू होने से भेड़पालकों ने भी मैदान का रुख करना शुरू कर दिया है। बीआरओ कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया रोहतांग दर्रे में हल्की बर्फबारी हुई है, जबकि बारालाचा दर्रे में तीन इंच बर्फ की चादर बिछी है। बंजार की चेथन पंचायत में भूस्खलन से काष्ठकुणी शैली का एक मकान ढह गया। इसमें दबे तीन लोगों को ग्रामीणों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद निकाल लिया।

वहीं, राजधानी शिमला में शुक्रवार रात भारी बारिश से ढली-मैहली मार्ग मल्याणा के पास पहाड़ी दरकरने से बाधित हो गया। इससे मार्ग के दोनों ओर 300 से अधिक ट्रक फंस गए। इनमें 200 से अधिक सेब और सब्जियों से भरे हैं। प्रदेशभर में भारी बारिश से किसानों की मक्की, टमाटर की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार 9 सितंबर को प्रदेश में कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। 12 सितंबर से पश्चिमी हवाएं प्रभावी होंगी जिससे राज्यभर में बारिश का क्रम जारी हो जाएगा। मौसम विभाग ने 12 व 13 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में मानसून सक्रिय रहा। इस दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं आया है, अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान केलंग में 10.0 डिग्री सेल्सियस व सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

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