जागरण संवाददाता, शिमला : राजधानी शिमला में स्मार्ट सिटी के तहत शहर के लोगों की पार्किंग की समस्या का समाधान किया जाएगा। शहर को स्मार्ट बनाने के साथ ही प्रोजेक्ट में वाहनों को खड़ा करने की सुविधा देने पर भी काम किया जा रहा है। शहर में जहां भी अब निगम को जगह मिल रही है, वहां पर बड़े प्रोजेक्ट के साथ पार्किग निर्माण का प्रस्ताव बनाया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी की टीम ने पिछले दिनों ही लांगवुड में पार्षद के साथ दौरा किया है। इस दौरान पाया कि वहां पर 1500 वाहनों की क्षमता वाली पार्किग का निर्माण किया जा सकता है। इसके नजदीक ही एक अन्य स्थान पर पहले ही 700 वाहनों की क्षमता की पार्किग बनाई जा रही है। लक्कड़ बाजार बस अड्डे पर भी दो सौ वाहनों की पार्किग का निर्माण करना प्रस्तावित है। शहर के हर वार्ड में पार्किग के लिए जमीन तलाशी जा रही है। विकासनगर से लेकर कुसुम्पटी में पार्किग बन रही हैं। ऐसी ही पार्किग बनाने के लिए हर वार्ड में तैयारी है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पार्किग का निर्माण किया जाना है। शिमला में पार्किंग बड़ी समस्या

शहर में पार्किग बड़ी समस्या है। राजधानी में ही पंजीकृत वाहनों की संख्या 79 हजार के लगभग है। इनमें से महज पांच हजार वाहनों को पार्क करने की जगह ही वर्तमान में है। यलो लाइन पार्किग का काम भी अधिकारियों के बीच चली जंग के चलते सिरे चढ़ते नजर नहीं आ रही है। इसके लिए फिर से शहर में सर्वे करवाए जाने की तैयारी है। मुख्य सचिव के आदेश के बाद दोबारा से सर्वे किया जाना प्रस्तावित है। यलो लाइन पार्किंग का भी फिर होगा सर्वे

शहर में निगम ने पहले 11 हजार वाहन यलो लाइन के तहत पार्क करने की योजना का खाका तैयार किया था। इसमें निगम की सड़कों के अलावा राज्य लोक निर्माण विभाग और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की सड़कें भी शामिल थीं। पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोबारा से यलो लाइन के अंदर पार्किग चिह्नित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्मार्ट सिटी के तहत प्रोजेक्टों में पार्किंग की सुविधा मुहैया करवाने की योजना पर काम किया जा रहा है। निगम को जहां भी जमीन मिल रही है वहां पार्किग की संभावना तलाशी जा रही है।

नितिन गर्ग, महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी शिमला।

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