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शिमला में फोरलेन टनल निर्माण से घरों में दरारें: प्रभावित बोले- नुकसान की भरपाई करे NHAI, मंत्री ने भी लिया संज्ञान

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 23 Sep 2026 01:52 PM (IST)

शिमला के संजौली में फोरलेन टनल निर्माण से घरों में दरारें आने के बाद 50 से अधिक प्रभावित परिवारों ने पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मुलाकात की।

शिमला के संजौली में फोरलेन टनल निर्माण से घरों में आई दरारें।

शिमला के संजौली में फोरलेन टनल निर्माण से घरों में आई दरारें।

HighLights

  1. संजौली में टनल निर्माण से 50 से अधिक घरों में दरारें।

  2. प्रभावित परिवारों ने पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मुलाकात की।

  3. मंत्री ने उपायुक्त को तत्काल सर्वेक्षण और कार्रवाई के निर्देश दिए।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में जिला शिमला के संजौली में फोरलेन के टनल निर्माण से घरों में दरारें आ गई हैं। भट्ठाकुफर-चलौंठी-शांति विहार क्षेत्र में फोरलेन सुरंग निर्माण से घरों में आई दरारों और अन्य नुकसान से प्रभावित परिवारों का प्रतिनिधिमंडल पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मिला। 50 से अधिक पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधियों ने घरों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की। 

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निर्माण कार्य से लोगों में भय बना हुआ है और प्रशासन को मामले में जल्द ठोस कदम उठाने चाहिएं। पार्षद विनीत शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सुरंग निर्माण में इस्तेमाल मशीनरी की क्षमता की जांच की मांग की है।

मशीनरी पर सवाल

प्रतिनिधिमंडल को आशंका है कि स्वीकृत क्षमता से अधिक क्षमता वाली मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में सुरंग में मौजूद सभी मशीनरी की जांच कर आवश्यक होने पर उसे जब्त किया जाए। 

आवश्यक सर्वे और कार्रवाई के निर्देश

मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद मौके से ही उपायुक्त को फोन पर निर्देश दिए। मंत्री ने मामले में प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को दिए गए आश्वासन पर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने लोगों के घरों की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक सर्वे और कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

नुकसान की भरपाई हो

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन और निर्माण कंपनी की ओर से प्रभावित लोगों से किए गए आश्वासनों को भी जल्द जमीन पर उतारने की मांग की। परिवारों का कहना है कि केवल निरीक्षण और आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रभावित भवनों की स्थिति स्पष्ट करने के साथ नुकसान की भरपाई और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। 

घरों की सुरक्षा के लिए जल्द हो सर्वे

पीड़ित परिवारों ने मांग की कि सुरंग निर्माण से प्रभावित क्षेत्र में सभी घरों और भवनों का शीघ्र सर्वे करवाया जाए। सर्वे के दौरान भवनों में आई दरारों, संरचनात्मक नुकसान और भविष्य में संभावित खतरे का आकलन किया जाए। लोगों का कहना है कि जब तक निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की जांच नहीं हो जाती, तब तक उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

शांति विहार में बैठक

प्रभावित परिवारों की आगामी रणनीति के लिए बुधवार को शांति विहार में बैठक हुई। इसमें सुरंग निर्माण से प्रभावित परिवारों की समस्याओं और अब तक प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई पर चर्चा की गई।

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