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चिट्टा तस्करी रोकने के लिए गांवों में मैपिंग अभियान चलाएगी शिमला पुलिस, रुस्तम पहल के तहत 145 लोगों से नियमित संपर्क

By Rohit Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 23 Aug 2026 03:23 PM (IST)

शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पंचायत स्तर पर मैपिंग और जागरूकता अभियान फिर से शुरू ...और पढ़ें

हिमाचल पुलिस चिट्टे के खिलाफ गांवों में मैपिंग अभियान चलाएगी। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल पुलिस चिट्टे के खिलाफ गांवों में मैपिंग अभियान चलाएगी। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. पुलिस ने शिमला में चिट्टा तस्करी रोकने को मैपिंग शुरू की।

  2. पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चला रही है पुलिस।

  3. 'रुस्तम पहल' के तहत 145 युवाओं को पुनर्वास में मदद।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती नशे की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने चिट्टा तस्करी की रोकथाम को लेकर पंचायत स्तर पर मैपिंग का काम फिर शुरू कर दिया है। पुलिस नए जन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर पंचायतों में जागरूकता अभियान चला रही है। इसके तहत स्थानीय लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के साथ-साथ मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ बनाए गए कानूनों की जानकारी दी जा रही है।

पुलिस विशेष रूप से एनडीपीएस अधिनियम और पिट एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है, ताकि वे नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकें।

पुलिस जुटा रही तस्करी रूट की जानकारी

पुलिस की ओर से पंचायत स्तर पर की जा रही मैपिंग में नशे की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों, संभावित तस्करी के मार्गों और ऐसे स्थानों की जानकारी जुटाई जा रही है, जहां युवाओं के नशे की चपेट में आने की आशंका अधिक रहती है। नए पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि गांवों में नशे के खिलाफ सामाजिक स्तर पर मजबूत व्यवस्था तैयार की जा सके।

पुलिस का मानना है कि स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी के बिना नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशे के खिलाफ अभियान में एक तरफ तस्करों और सप्लायरों पर कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी ओर नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को बचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को साथ लेकर जागरूकता अभियान को और व्यापक किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य नशे के नेटवर्क की पहचान कर उसे तोड़ने के साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामाजिक स्तर पर मजबूत तंत्र तैयार करना है।

‘रुस्तम पहल’ के तहत 145 लोगों से नियमित संपर्क

पुलिस ने नशे की लत में फंसे युवाओं को बाहर निकालने के लिए फरवरी 2026 में ‘रुस्तम पहल’ शुरू की थी। इस पहल के तहत वर्तमान में 145 लोगों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जा रहा है। पुलिस इन लोगों की स्थिति पर नजर रखने के साथ उनके परिवारों से भी संपर्क कर रही है। इसका उद्देश्य नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को केवल कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाने के बजाय उन्हें उपचार और पुनर्वास के माध्यम से सामान्य जीवन में वापस लाना है। 

पहल के तहत जरूरत अनुसार युवाओं की काउंसलिंग करवाई जा रही है। जिन लोगों को उपचार की आवश्यकता है, उन्हें उपचार की दिशा में मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद पुनर्वास के माध्यम से उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि नशे की लत से बाहर निकल चुके युवाओं को दोबारा नशे की ओर जाने से रोका जा सके।

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