शिमला के काशापाट में बादल फटने से गंगदारी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को नुकसान, कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान
शिमला के काशापाट में बादल फटने से गंगदारी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की इंटेक संरचना को भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ ...और पढ़ें

शिमला के काशापाट में बाढ़ के साथ आया मलबा।
HighLights
काशापाट में बादल फटने से अचानक बाढ़ आई।
गंगदारी हाइड्रो प्रोजेक्ट की इंटेक संरचना क्षतिग्रस्त हुई।
परियोजना के सभी कर्मचारी सुरक्षित बच निकले।
संवाद सहयोगी, रामपुर बुशहर (शिमला)। रामपुर उपमंडल के काशापाट में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ ने गंगदारी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खड्ड में आए तेज बहाव की चपेट में आने से परियोजना की इंटेक संरचना को काफी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के पानी ने इंटेक की कई सिविल संरचनाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि बॉटम कन्वेयंस चैनल के तल में भारी कटाव हुआ है।
परियोजना के प्लांट इंचार्ज धीरज वर्मा ने बताया कि बाढ़ के कारण इंटेक के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम राफ्ट को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बॉटम कन्वेयंस चैनल भी प्रभावित हुआ है। तेज बहाव के कारण चैनल के तल पर कटाव हुआ है। पानी का बहाव इतना अधिक था कि कुछ क्रेट्स भी बह गए।
मलबा जमा हुआ
बाढ़ के साथ बहकर आया मलबा परियोजना स्थल पर जमा हो गया है। घटना के बाद परियोजना प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त ढांचों का जायजा लेना शुरू कर दिया है।
कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान
नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है, जिसके बाद मरम्मत और बहाली को लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी। राहत की बात यह है कि बादल फटने और अचानक आई बाढ़ की इस घटना में परियोजना में कार्यरत सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। किसी कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं है। कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई।
नालों में जलस्तर बढ़ने से दहशत में लोग
काशापाट क्षेत्र में भारी बारिश और बादल फटने के कारण खड्ड नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों में भी दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से नदी नालों और खड्डों के किनारे जाने से बचने तथा मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
