शिमला में फोरलेन निर्माण से मकानों को नुकसान, 28 लाख का नुकसान, मुआवजा सिर्फ 5 लाख
शिमला में फोरलेन निर्माण से एक बुजुर्ग महिला का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके लिए एनएचएआई द्वारा कम मुआवजा ...और पढ़ें

HighLights
शिमला में फोरलेन निर्माण से मकान को भारी नुकसान
पीडब्ल्यूडी ने 28 लाख का नुकसान आंका, एनएचएआई ने दिया 5 लाख
हाई कोर्ट ने एनएचएआई से जवाब मांगा, अगली सुनवाई 16 नवंबर
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने संजौली के चलौंठी में फोरलेन निर्माण के कारण मकान को पहुंचे नुकसान के मामले में एनएचएआइ से जवाब मांगा है।
चलौंठी (वर्मा निवास) निवासी बुजुर्ग देवकी देवी ने कोर्ट में दी शिकायत में बताया है कि एनएचएआइ के ठेकेदार (मैसर्स गावर शिमला हाइवे प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा किए जा रहे फोरलेन कार्य के कारण उनका मकान असुरक्षित हो गया है।
देवकी ने अर्जी में प्रशासन और एनएचएआइ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रार्थी का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी मूल्यांकन के बाद मकान के नुकसान का आकलन 28.22 लाख रुपये किया था।
एनएचएआइ ने इसे घटाकर महज 5.49 लाख रुपये कर दिया, जो मरम्मत के लिए भी नाकाफी है। मकान की वास्तविक बाजार कीमत लगभग 44.78 लाख रुपये है।
मकान असुरक्षित होने के कारण उनके किरायेदारों ने घर खाली कर दिया, जिससे उन्हें दो साल में करीब 12 लाख रुपये के किराये का नुकसान (50,000 रुपये प्रति महीना) हुआ है। कंपनी द्वारा बिना किसी अधिग्रहण के उनकी निजी जमीन पर निर्माण का मलबा फेंक दिया है। मामले की सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
